बिहार। मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जा रही सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस में शुक्रवार को उस समय यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई, जब चलती ट्रेन के एसी कोच के पहिए से अचानक धुआं निकलने लगा। पहिए से धुआं उठता देखकर यात्रियों को ट्रेन में आग लगने की आशंका हुई। इसके बाद एसी कोच B-4 में बैठे यात्रियों के बीच दहशत फैल गई। अनहोनी की आशंका से घबराए यात्री कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कुछ ही देर में कोच के अंदर आपाधापी जैसी स्थिति बन गई।घटना के दौरान यात्रियों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर ट्रेन के पहिए से धुआं क्यों निकल रहा है। कई यात्रियों ने इसे आग लगने का संकेत समझा और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए। वहीं, कुछ यात्री अपना सामान लेकर कोच से उतरने की तैयारी करने लगे। अचानक पैदा हुई इस स्थिति ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन के तकनीकी रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चलती ट्रेन के पहिए से अचानक उठने लगा धुआं
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मुजफ्फरपुर से आनंद विहार के लिए सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस रवाना हुई थी। ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। एसी कोच B-4 में भी यात्री अपनी निर्धारित सीटों पर बैठे हुए थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक कोच के पहिए के पास से धुआं निकलने लगा।पहिए से धुआं निकलता देखकर यात्रियों का ध्यान तुरंत उस ओर गया। शुरुआत में लोगों को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन धुआं बढ़ता देखकर वे घबरा गए। यात्रियों को आशंका हुई कि कहीं ट्रेन के पहिए में आग तो नहीं लग गई है। इसके बाद कोच में बैठे लोगों के बीच हलचल तेज हो गई।कुछ यात्रियों ने तत्काल रेलवे कर्मचारियों को इसकी जानकारी देने की कोशिश की। वहीं, कई लोग कोच से बाहर निकलने के लिए जल्दबाजी करने लगे। अचानक हुई इस घटना से ट्रेन के अंदर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
आग लगने की आशंका से यात्रियों में मची भगदड़
चलती ट्रेन में इस तरह की घटना होने पर यात्रियों का घबराना स्वाभाविक था। खासकर एसी कोच में सफर कर रहे लोगों के लिए पहिए से धुआं निकलना चिंता का विषय बन गया। यात्रियों को डर था कि कहीं धुआं आग में तब्दील न हो जाए।B-4 कोच में मौजूद यात्रियों के बीच बाहर निकलने की आपाधापी मच गई। लोग एक-दूसरे को घटना के बारे में बताने लगे। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों की ओर जाकर स्थिति समझने की कोशिश की। इस दौरान कोच में अफरातफरी का माहौल बन गया।हालांकि, केवल पहिए से धुआं उठने का मतलब यह नहीं होता कि ट्रेन में आग लग गई है। रेलवे तकनीकी व्यवस्था में ब्रेक से जुड़ी खराबी के कारण भी पहिए के आसपास अत्यधिक गर्मी और धुआं पैदा हो सकता है। इसे सामान्य भाषा में ब्रेक बाइंडिंग की समस्या कहा जाता है। लेकिन इस घटना में धुआं निकलने का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस बिहार से दिल्ली के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में शामिल है। इस ट्रेन से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में चलती ट्रेन के पहिए से धुआं निकलने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।ट्रेन के पहिए और ब्रेक सिस्टम रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। इनके सही तरीके से काम करने पर ही ट्रेन का सुरक्षित संचालन निर्भर करता है। यदि ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी आती है तो पहियों में अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है। इससे धुआं निकलने के साथ अन्य गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।इसलिए ऐसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ट्रेन रवाना होने से पहले तकनीकी जांच और यात्रा के दौरान किसी भी असामान्य स्थिति पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।
तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी धुआं निकलने की वजह
इस घटना में यात्रियों के बीच दहशत का मुख्य कारण पहिए से अचानक धुआं उठना रहा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि धुआं ब्रेक बाइंडिंग, किसी अन्य तकनीकी खराबी या किसी दूसरे कारण से निकला था।रेलवे की ओर से तकनीकी जांच, संबंधित कोच की स्थिति और ट्रेन के आगे के परिचालन को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के बाद ट्रेन को किस स्टेशन पर रोका गया और तकनीकी कर्मचारियों ने क्या कदम उठाए।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम
चलती ट्रेन में धुआं या आग जैसी स्थिति दिखाई देने पर यात्रियों को घबराकर धक्का-मुक्की करने के बजाय तुरंत रेलवे कर्मचारियों और ट्रेन के गार्ड को सूचना देनी चाहिए। आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर भी सहायता मांगी जा सकती है।सप्तक्रांति एक्सप्रेस के AC B-4 कोच में हुई इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रा के दौरान तकनीकी सुरक्षा की अहमियत को सामने ला दिया है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे इस मामले की जांच कर वास्तविक कारण का पता लगाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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