सारण। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को सारण जिले के बनियापुर में खेल मंत्री और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज श्रेयसी सिंह की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी को राज्य का खेल मंत्री बनाया जाना गर्व की बात है। राज्यपाल ने कहा कि किसी दूसरे देश में ऐसा उदाहरण मिलना कठिन है, जहां राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई हो। उन्होंने इसे खिलाड़ियों को सम्मान देने और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्यपाल शुक्रवार, 6 नवंबर को बनियापुर के खेल मैदान में नवनिर्मित खेल सम्मान भवन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने खेलों के विकास, खिलाड़ियों के सम्मान और समाज में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की भागीदारी भी निर्धारित थी।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने अपने संबोधन में कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना बड़ी उपलब्धि होती है। इसके लिए वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन, समर्पण और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। जब ऐसे खिलाड़ी को सरकार में खेल विभाग की जिम्मेदारी मिलती है तो वह अपने अनुभवों के आधार पर खिलाड़ियों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकता है।
उन्होंने श्रेयसी सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह खेल जगत से जुड़ी हुई हैं और खिलाड़ियों की जरूरतों से अच्छी तरह परिचित हैं। उनका अनुभव राज्य में खेलों के विकास और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि बिहार आने के बाद उनकी शुरुआती मुलाकातों में श्रेयसी सिंह से मुलाकात विशेष रूप से यादगार रही। उन्होंने खेलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उपलब्धियों की सराहना की। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने या प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का माध्यम नहीं है। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं। इसके माध्यम से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना करना सीखता है।
राज्यपाल ने युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में खेल गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खेल बच्चों और युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं।
बनियापुर में निर्मित खेल सम्मान भवन को स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस भवन के निर्माण का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक भाईचारे को मजबूत करना है।
इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2024 में की गई थी। उस समय लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण की योजना सामने आई थी। योजना के अनुसार, यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न सुविधाएं विकसित करने की परिकल्पना की गई थी। इनमें टेबल टेनिस जैसे खेलों के साथ खिलाड़ियों के ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल थीं।
खेल सम्मान भवन के उद्घाटन को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से पहले से तैयारियां की गई थीं। महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल और सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कार्यक्रम से पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे।
सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने भी भवन के निर्माण को खेलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया था। उनका कहना था कि इस पहल से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज रह चुकी हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और खेल जगत में अपनी पहचान बनाई है। खेल से राजनीति में आने के बाद उन्हें राज्य सरकार में खेल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
श्रेयसी सिंह का खेलों से जुड़ा अनुभव बिहार में उभरती प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की उन लड़कियों के लिए उनका सफर महत्वपूर्ण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन के माध्यम से खेलों को सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि युवाओं को उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
बिहार में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। खेल विभाग ने जिला उत्कृष्टता केंद्रों और पंचायत स्तर के स्पोर्ट्स क्लबों को सक्रिय बनाने की दिशा में भी पहल की है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बेहतर खेल सुविधाएं मिलने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक बच्चे खेलों में रुचि रखते हैं, लेकिन उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती।
ऐसे में बनियापुर जैसे क्षेत्रों में खेल सम्मान भवन का निर्माण स्थानीय युवाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, भवन का वास्तविक लाभ उपलब्ध सुविधाओं, नियमित रखरखाव और खेल गतिविधियों के संचालन पर निर्भर करेगा।
फिलहाल बनियापुर में खेल सम्मान भवन के उद्घाटन और राज्यपाल द्वारा श्रेयसी सिंह की प्रशंसा किए जाने की चर्चा हो रही है। राज्यपाल का संदेश स्पष्ट था कि खेल प्रतिभाओं को सम्मान और अवसर मिलना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां खेलों को एक बेहतर भविष्य के रूप में देख सकें।