Nitish Kumar ने 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की घोषणा की

Update: 2025-08-29 08:43 GMT
New Delhi, नई दिल्ली : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक नई योजना- 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' को मंजूरी देने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, सीएम ने लिखा कि महिलाओं को रोजगार के लिए पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी, आगे बताया कि आवेदन की प्रक्रिया शहरी विकास और आवास विभाग के साथ ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी।
नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही हम महिला सशक्तिकरण के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब, अपनी मेहनत से महिलाएं न केवल बिहार की प्रगति में योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए अब हमने महिलाओं के हित में एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व फैसला लिया है, जिसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। हमारी सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक में महिलाओं के रोजगार के लिए एक नई योजना 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 1. वित्तीय सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार से एक महिला को उसकी पसंद के रोजगार के लिए प्रथम किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
2. इच्छुक महिलाओं से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए पूरी व्यवस्था और प्रक्रिया ग्राम्य विकास विभाग द्वारा निर्धारित की जाएगी, और आवश्यकतानुसार सहयोग के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भी शामिल किया जाएगा।सीएम ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि छह महीने की नौकरी के बाद मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद महिलाओं को आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, राज्य भर में महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए हाट लगाए जाएंगे।
3. सितम्बर 2025 से महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि का हस्तांतरण शुरू हो जाएगा। 4. महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद मूल्यांकन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जा सकेगी।
5. महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए पूरे राज्य में, गाँवों से लेकर शहरों तक, हाट बाजार विकसित किए जाएँगे। मुझे विश्वास है कि इस योजना के क्रियान्वयन से न केवल महिलाओं की स्थिति और सुदृढ़ होगी, बल्कि राज्य में ही बेहतर रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और लोगों को मजबूरी में रोज़गार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
Tags:    

Similar News