PATNA पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (ECI) ने राज्य के लगभग 7 करोड़ मतदाताओं को नए वोटर आईडी कार्ड (EPIC) जारी करने की तैयारी कर ली है। नए पहचान पत्रों में मतदाताओं की ताज़ा तस्वीरें होंगी। हालांकि, मौजूदा EPIC नंबर वही रहेगा, लेकिन मतदाताओं के मतदान केंद्र (बूथ) का नाम बदला जा सकता है क्योंकि इस बार राज्य में सुविधा के लिए बूथों की संख्या बढ़ाई गई है। 65 लाख से अधिक मतदाता सूची से गायब चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची सोमवार को जारी की जाएगी। अभी तक जारी मसौदा सूची में करीब 65 लाख मतदाता गायब पाए गए थे और अंतिम सूची में यह संख्या और बढ़ सकती है। बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2025 के तहत 24 जून से 25 जुलाई तक मतदाता गणना की गई थी। इसमें 7.24 करोड़ मतदाताओं ने अपने विवरण जमा किए थे, जबकि राज्य में कुल
रविवार को चुनाव आयोग ने मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए बड़े पैमाने पर डुप्लीकेशन के आरोपों को खारिज किया। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया कि अभी तक प्रकाशित मसौदा सूची सिर्फ सार्वजनिक जांच के लिए है और इसे अंतिम त्रुटि नहीं माना जा सकता। सीईओ ने कहा कि रिपोर्ट में बताए गए 67,826 संदिग्ध डुप्लीकेट केवल डेटा माइनिंग और नाम/रिश्तेदार/आयु जैसी पैरामीटर्स पर आधारित हैं। इन सूचनाओं के आधार पर बिना दस्तावेज़ और फील्ड वेरिफिकेशन के किसी भी डुप्लीकेशन की पुष्टि नहीं की जा सकती।
मतदाता सेवाओं में सुधार
इसी साल जून में चुनाव आयोग ने नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। इसके तहत अब EPIC कार्ड किसी भी अपडेट के 15 दिनों के भीतर मतदाता तक पहुंच जाएगा।
पूरी प्रक्रिया डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ी जाएगी। चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा EPIC कार्ड बनाने से लेकर मतदाता के घर तक पहुंचने तक हर चरण पर SMS अलर्ट मिलेंगे।
यह कदम देरी को कम करने, पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं को तेज़, भरोसेमंद और ट्रैक करने योग्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुधारों की श्रृंखला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू व डॉ. विवेक जोशी के नेतृत्व में ईसीआई लगातार नागरिक-हितैषी सुधार लागू कर रहा है।
इन सुधारों के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मतदाताओं की पहचान और मतदान प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम हो।