Bihar बिहार। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोपाल मंडल ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जोरदार प्रयास किए, लेकिन एक महीने तक उन्हें मिलने की अनुमति नहीं मिली। विधायक ने बताया कि अंततः उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के गेट पर धरना देने का फैसला किया। गोपाल मंडल ने कहा, "मैं लगातार मुख्यमंत्री के आवास गया, लेकिन मुझे एक महीने तक मिलने नहीं दिया गया। आखिरकार, मैंने उनके गेट पर चार घंटे धरना दिया, उम्मीद करते हुए कि वे मेरी बात सुनेंगे।
विधायक ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल विधानसभा क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखना था। उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्तिगत विवाद के लिए नहीं बल्कि जनता के हित में यह कदम उठा रहे हैं। धरना देने के दौरान विधानसभा क्षेत्र के कई स्थानीय लोग और समर्थक भी विधायक के साथ मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विधायक का यह कदम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का उदाहरण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले से मुख्यमंत्री और विधायकों के बीच संवाद की कमी सामने आई है। विधायक ने सरकार से अपील की कि भविष्य में ऐसे मुद्दों पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए। गोपाल मंडल के इस धरने ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक दल और विपक्षी नेता भी इस घटना पर नजर रख रहे हैं और इसे जनता की समस्याओं के प्रति विधायक की संवेदनशीलता के रूप में देख रहे हैं।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। वहीं विधायक ने कहा कि यदि उनका मुद्दा नहीं सुना गया, तो वे और भी मजबूत कदम उठाने के लिए तैयार हैं।