पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं के आरोप को लेकर राजधानी पटना में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में कई खामियां रही हैं, जिनके कारण उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ। छात्रों ने निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परीक्षा में अनियमितता का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बीपीएससी परीक्षा में कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र, परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
पटना की सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी
अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र पटना में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार बहस की स्थिति बनी।
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाने की कोशिश की गई।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
पटना पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में जानकारी जुटाई और आगे की कार्रवाई शुरू की।
छात्रों की क्या हैं मांगें?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें हैं—
* परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच
* कथित अनियमितताओं की जांच
* दोषियों पर कार्रवाई
* परीक्षा व्यवस्था में सुधार
* अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है।
युवाओं में बढ़ रहा आक्रोश
बिहार में सरकारी नौकरी की परीक्षाओं को लेकर युवाओं में पहले भी कई बार नाराजगी देखने को मिली है। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे लंबे समय से छात्रों की चिंता का कारण रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों तक तैयारी करते हैं और परीक्षा में छोटी सी गलती भी उनके भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने बीपीएससी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि आयोग को परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाना चाहिए।
वहीं, आयोग की ओर से समय-समय पर कहा जाता रहा है कि परीक्षाएं निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत आयोजित कराई जाती हैं।
सरकार और प्रशासन की नजर
इस पूरे मामले पर सरकार और प्रशासन की नजर बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की शिकायतों को सुना जाएगा और तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन की कोशिश है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए और किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है। डिजिटल निगरानी, बेहतर परीक्षा केंद्र व्यवस्था और सख्त नियमों के जरिए ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
छात्र भी लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को ऐसा बनाया जाए जिससे सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
आंदोलन आगे बढ़ने के संकेत
प्रदर्शन के बाद भी छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और आयोग की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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