मुजफ्फरपुर। बिहार में शराब की तस्करी करने वाले धंधेबाज पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इस बार तस्करों ने शराब छिपाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे देखकर जांच करने वाली टीम भी हैरान रह गई। किताब-कॉपियों के बंडल के बीच बेहद चालाकी से शराब की बोतलें छिपाकर ले जाई जा रही थीं। उत्पाद विभाग की टीम ने अहियापुर थाना क्षेत्र के भिखनपुर में एक ऑटो को पकड़कर तलाशी ली तो इस अनोखे तरीके से शराब तस्करी का खुलासा हुआ।

ऑटो में ऊपर से देखने पर कॉपियों के सामान्य बंडल दिखाई दे रहे थे। टीम ने जब शक के आधार पर इन बंडलों को खोलकर जांच की तो पता चला कि कॉपियों को अंदर से काटकर उनके बीच खाली जगह बनाई गई थी। इसी जगह पर शराब की बोतलें छिपाई गई थीं। गिनती करने पर कुल 360 बोतल शराब बरामद हुई।

मामले में उत्पाद विभाग ने ऑटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया है। वह कांटी का रहने वाला बताया गया है। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के मुताबिक आरोपी के खिलाफ अभियोग दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

भिखनपुर में पकड़ा गया ऑटो

उत्पाद विभाग की टीम शराब के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान अहियापुर के भिखनपुर इलाके में एक ऑटो को जांच के लिए रोका गया।

ऑटो की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी संख्या में कॉपियों के बंडल रखे मिले। पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि वाहन में स्टेशनरी या पढ़ाई से संबंधित सामग्री ले जाई जा रही है।

हालांकि टीम ने सामान की बारीकी से जांच करने का फैसला किया। इसी जांच के दौरान पूरा मामला सामने आ गया।

कॉपियां खोलीं तो निकली शराब

उत्पाद विभाग की टीम ने जब कॉपियों के बंडल खोले तो अधिकारी भी हैरान रह गए। कॉपियों के पन्नों को बीच से काटकर शराब की बोतल के आकार की जगह तैयार की गई थी।

इस खाली हिस्से में शराब की बोतल रखकर उसे इस तरह पैक किया गया था कि बाहर से देखने पर किसी को शक न हो।

तस्करों की कोशिश थी कि जांच के दौरान सामान को किताब-कॉपी समझकर छोड़ दिया जाए और शराब आसानी से अपने निर्धारित स्थान तक पहुंच जाए।

360 बोतल शराब बरामद

टीम ने सभी बंडलों को खोलकर उनकी तलाशी ली। इसके बाद छिपाकर रखी गई शराब की बोतलों की गिनती की गई।

जांच में कुल 360 बोतल शराब बरामद हुई। इसके बाद ऑटो और उसमें रखी शराब को उत्पाद विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया।

इस तरह शराब छिपाकर ले जाने का तरीका उत्पाद विभाग की कार्रवाई में पहली बार सामने आने की बात कही जा रही है।

चालक सद्दाम अंसारी गिरफ्तार

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कांटी निवासी ऑटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी से शराब की खेप के संबंध में पूछताछ की जा रही है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसकी डिलीवरी किस व्यक्ति या स्थान पर की जानी थी।

इसके अलावा इस तस्करी में अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा सकता है।

तस्करी के नेटवर्क की हो सकती है जांच

360 बोतल शराब की बरामदगी के बाद विभाग के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल इसकी सप्लाई चेन का है। शराब की खेप को कॉपियों में छिपाने के लिए पहले से तैयारी की गई थी।

कॉपियों को काटने, उनमें बोतलें रखने और फिर बंडल तैयार करने की प्रक्रिया से संकेत मिलता है कि शराब को छिपाने के लिए योजनाबद्ध तरीका अपनाया गया।

अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इस पूरी व्यवस्था के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच से बचने के लिए अनोखा तरीका

शराब की तस्करी में पकड़े जाने से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कभी वाहनों में गुप्त बॉक्स बनाए जाते हैं तो कभी रोजमर्रा के सामान के बीच शराब छिपाई जाती है।

लेकिन इस मामले में कॉपियों के पन्नों को काटकर शराब की बोतलें छिपाने का तरीका चौंकाने वाला है।

बाहर से देखने पर कॉपियों के बंडल सामान्य दिखाई देते थे। यही वजह थी कि तस्करों को उम्मीद रही होगी कि जांच के दौरान उन पर आसानी से संदेह नहीं होगा।

उत्पाद विभाग की सतर्कता से खुला राज

भिखनपुर में हुई कार्रवाई में उत्पाद विभाग की सतर्कता से तस्करी का यह तरीका सामने आया। यदि कॉपियों के बंडलों की बारीकी से जांच नहीं की जाती तो शराब की खेप को पकड़ना मुश्किल हो सकता था।

टीम ने सामान की जांच करने के बाद शराब बरामद की और चालक को हिरासत में लिया।

अब विभाग बरामद शराब और वाहन से संबंधित अन्य जानकारियां जुटा रहा है।

आरोपी को जेल भेजने की तैयारी

उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के अनुसार आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ अभियोग दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद उसे जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

साथ ही मामले में आगे की जांच के दौरान शराब के स्रोत और इसे मंगाने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा सकती है।

यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

शराब तस्करों के नए तरीकों ने बढ़ाई चुनौती

शराब तस्करी के लिए लगातार बदलते तरीके प्रवर्तन एजेंसियों के सामने चुनौती पैदा कर रहे हैं। सामान्य सामान की आड़ में शराब ले जाने से जांच एजेंसियों को प्रत्येक संदिग्ध खेप की बारीकी से जांच करनी पड़ती है।

इस मामले में पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी कॉपियों का इस्तेमाल शराब छिपाने के लिए किया गया। इससे साफ है कि तस्कर जांच से बचने के लिए असामान्य तरीके अपनाने से भी पीछे नहीं हट रहे।

फिलहाल उत्पाद विभाग ने 360 बोतल शराब जब्त कर ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि यह खेप कहां से आई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

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