पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर की सियासी खींचतान अब कानूनी विवाद तक पहुंच गई है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह को पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करना महंगा पड़ता दिखाई दे रहा है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार के मुकाबले जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने वाले अनंत सिंह के रोड शो को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस ने चुनावी नियमों और आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में चर्चा बढ़ा दी है।
नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर आए थे अनंत सिंह
मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर प्रचार किया था। उन्होंने न केवल नीरज कुमार का विरोध किया, बल्कि जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान भी किया था।
अनंत सिंह ने स्पष्ट कहा था कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए प्रचार करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पुराना राजनीतिक विवाद भी इसकी वजह बताया गया। अनंत सिंह का आरोप रहा है कि नीरज कुमार पहले कई मौकों पर उनका विरोध कर चुके हैं। इसी को लेकर उन्होंने उनके खिलाफ चुनावी मोर्चा खोल दिया।
अनंत सिंह का यह रुख जदयू के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला था, क्योंकि नीरज कुमार उसी पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी थे, जिससे अनंत सिंह विधायक हैं। एक ही पार्टी के विधायक का अपने उम्मीदवार के खिलाफ दूसरे दल के प्रत्याशी के समर्थन में उतरना बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया।
रोड शो में उमड़ी भीड़, तीन प्राथमिकी दर्ज
18 अक्टूबर को मोकामा क्षेत्र में अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो निकाला गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहनों और समर्थकों के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, रोड शो में निर्धारित अनुमति से अधिक वाहन शामिल हुए, कई वाहनों पर सायरन बजाए गए और जेसीबी मशीनों से फूल बरसाए गए। इन गतिविधियों को लेकर चुनावी नियमों और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं।
इसके बाद अनंत सिंह, अनुज सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं। पुलिस ने रोड शो के दौरान हुए कथित उल्लंघनों को लेकर कार्रवाई की है। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की पुष्टि या किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। 
रोड शो के जरिए अनंत सिंह ने यह संदेश देने की कोशिश की थी कि वह नीरज कुमार को चुनौती देने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन कार्यक्रम के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी ने इस राजनीतिक संघर्ष को एक नया मोड़ दे दिया।
आखिर क्यों नीरज कुमार से नाराज हैं अनंत सिंह?
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद नया नहीं है। दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद पहले भी सामने आते रहे हैं। अनंत सिंह ने अपने विरोध की वजह बताते हुए कहा था कि नीरज कुमार कई बार उनके खिलाफ खड़े हुए और अब वह भी उन्हें उसी तरह जवाब देना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा था कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता। इसी आधार पर वह अपनी प्रचार गतिविधियों को जदयू का आधिकारिक विरोध मानने से इनकार करते रहे हैं।
दूसरी तरफ, नीरज कुमार ने भी अनंत सिंह के आरोपों पर पलटवार किया था। उनके बीच बयानबाजी बढ़ने से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया। जदयू के वरिष्ठ नेताओं की ओर से पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाने की बात कही गई थी और कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार काम करने का संदेश दिया गया था।
जदयू के लिए बढ़ी राजनीतिक चुनौती
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच का चुनाव नहीं रह गया था। यहां जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह से चुनौती का सामना करना पड़ा। अनंत सिंह के जन सुराज उम्मीदवार के समर्थन में उतरने से मुकाबले का राजनीतिक समीकरण भी चर्चा में आ गया।
जदयू के लिए इस स्थिति में संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया। पार्टी के भीतर मतभेद सार्वजनिक होने से विरोधियों को भी राजनीतिक हमला करने का मौका मिल सकता है। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने अपनी नाराजगी को निजी राजनीतिक संघर्ष के रूप में पेश किया और नीरज कुमार को हराने का संकल्प दोहराया।
इस पूरे विवाद में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को अनंत सिंह के समर्थन से राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना पर भी चर्चा हुई। हालांकि, किसी उम्मीदवार को समर्थन मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसकी जीत सुनिश्चित हो गई है। चुनाव का वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
चुनावी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई पर नजर
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला इस बार अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच की बयानबाजी तथा जन सुराज प्रत्याशी को मिले समर्थन के कारण विशेष रूप से चर्चा में रहा। 
अब रोड शो को लेकर दर्ज तीन प्राथमिकी और पुलिस जांच पर भी नजर रहेगी। जांच में यह स्पष्ट होगा कि
कार्यक्रम
के दौरान किन नियमों का कथित उल्लंघन हुआ और संबंधित लोगों की क्या भूमिका रही। फिलहाल, इन मामलों में दर्ज आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
कुल मिलाकर, बिहार विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह का प्रचार राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। रोड शो को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज होने से उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं। अब एक ओर चुनावी परिणाम का इंतजार है, तो दूसरी ओर पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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