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वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन वेणुगोपाल ने संभाली कमान
Ratna Netam
24 Oct 2026 6:22 PM IST

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नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में पार्टी के विभिन्न मोर्चों और विभागों के अध्यक्षों तथा प्रभारियों के साथ बैठक की। बैठक में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली की तैयारियों और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस इस रैली के जरिए कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों को प्रमुखता से उठाना चाहती है।
रैली को सफल बनाने के लिए जुटाव अभियान तेज
के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पार्टी के अलग-अलग मोर्चों और विभागों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर रैली की तैयारियों की समीक्षा की गईबैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि देशभर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठाए जा रहे सवालों को जनता तक पहुंचाया जाए। कांग्रेस संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।पार्टी का लक्ष्य है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाला कार्यक्रम विपक्षी एकजुटता और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर एक बड़ा मंच बने।
SIR और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर विपक्ष का विरोध
कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने या उनके मतदान के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। हालांकि, मतदाता सूची में अनियमितताओं से जुड़े इन आरोपों को विपक्ष के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए; सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित आधार के न हटे। पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपने अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
विपक्षी दलों के बीच एकजुटता दिखाने की तैयारी
रामलीला मैदान में होने वाली महारैली को कांग्रेस विपक्षी दलों के साझा अभियान के अहम पड़ाव के रूप में देख रही है। पार्टी नेताओं के अनुसार, इसमें INDIA गठबंधन के घटक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी की उम्मीद है।वेणुगोपाल ने पहले भी कहा है कि इस रैली के माध्यम से लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इसमें शामिल होंगे।कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की कोशिश है कि SIR से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियों को एक साझा मंच से उठाया जाए और निर्वाचन प्रक्रिया की जवाबदेही की मांग को मजबूत किया जाए।
रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होगी महारैली
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली के लिए अब संगठनात्मक तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी के विभिन्न विभागों और प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय कर भागीदारी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।कांग्रेस के सामने चुनौती यह भी है कि विभिन्न राज्यों में चल रहे अभियानों को एक साझा कार्यक्रम से जोड़ा जाए। वेणुगोपाल की बैठक इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है।फिलहाल, 1 नवंबर की रैली को लेकर विपक्षी गठबंधन की तैयारियां जारी हैं। आने वाले दिनों में कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं और आयोजन की विस्तृत रूपरेखा को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।
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