भागलपुर। पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत राजेंद्र पुल स्टेशन पर नए पुल के साथ डबल लाइन सुविधा को जोड़ने और दिनकर ग्राम सिमरिया तथा बरौनी स्टेशनों के बीच मुख्य लाइन कनेक्शन स्थापित करने के लिए रेलवे बड़े स्तर पर प्री नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य करने जा रहा है। यह कार्य 21 सितंबर से शुरू होगा और 4 अक्टूबर तक चलेगा। इसके कारण इस रेलखंड से गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होगा। कुछ ट्रेनों को रद्द करने और कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।

रेलवे के इस कार्य का असर भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पटना, मालदा टाउन, आनंद विहार, हावड़ा और जयनगर सहित कई शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस के अलावा मालदा टाउन-पटना, मालदा-आनंद विहार और हावड़ा-जयनगर सहित इस रास्ते से चलने वाली कई ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर प्रभावित रहेंगी।

21 सितंबर से शुरू होगा काम

रेलवे की योजना के अनुसार प्री नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य 21 सितंबर से शुरू किया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग चरणों में जरूरी तकनीकी और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किए जाएंगे। पूरा कार्य 4 अक्टूबर तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरान दानापुर मंडल के राजेंद्र पुल, हथिदह जंक्शन अपर, टाल और रामपुर डुमरा स्टेशनों पर काम होगा। वहीं सोनपुर मंडल के दिनकर ग्राम सिमरिया स्टेशन पर भी प्री नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग से संबंधित कार्य किया जाएगा।

रेलवे के लिए यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए नए पुल और डबल लाइन सुविधा को मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ा जाना है। इसके अलावा दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी के बीच मुख्य रेल लाइन का कनेक्शन भी तैयार किया जाएगा।

जनसेवा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित

रेलवे कार्य के कारण भागलपुर और मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस का परिचालन भी प्रभावित होगा। इसके अलावा मालदा टाउन-पटना, मालदा-आनंद विहार एक्सप्रेस और हावड़ा-जयनगर सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को अलग-अलग दिनों में रद्द किया जाएगा।

भागलपुर से चलने वाली और भागलपुर होकर संबंधित रेलखंड से गुजरने वाली कई अन्य ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ेगा। ऐसे में सितंबर के अंतिम सप्ताह और अक्टूबर के शुरुआती दिनों में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति पहले जांचने की सलाह दी जा सकती है।

कई ट्रेनों का बदलेगा रास्ता

रेलवे ने केवल ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय नहीं लिया है, बल्कि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने की भी तैयारी की है। जिन ट्रेनों का नियमित मार्ग निर्माण और इंटरलॉकिंग कार्य से प्रभावित होगा, उन्हें उपलब्ध वैकल्पिक रेलमार्ग से चलाया जाएगा।

रूट डायवर्ट होने के कारण ऐसी ट्रेनों के यात्रा समय में बदलाव हो सकता है। साथ ही नियमित मार्ग के कुछ स्टेशनों पर उनका ठहराव प्रभावित हो सकता है। यात्रियों के लिए जरूरी होगा कि यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रेन के निर्धारित रूट और समय की जानकारी जांच लें।

राजेंद्र पुल स्टेशन पर महत्वपूर्ण काम

राजेंद्र पुल और आसपास का रेलखंड पूर्व मध्य रेलवे के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। यहां नए पुल के साथ डबल लाइन सुविधा जोड़ने के लिए रेलवे को मौजूदा सिग्नलिंग और ट्रैक व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने हैं। इसी वजह से प्री नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है।

रेलवे में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान ट्रैक, सिग्नल और प्वाइंट जैसी प्रणालियों में आवश्यक तकनीकी बदलाव और कनेक्शन किए जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे काम के दौरान संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों की सामान्य आवाजाही को सीमित या परिवर्तित करना पड़ता है।

भागलपुर के यात्रियों पर भी पड़ेगा असर

इस कार्य का सीधा असर भागलपुर और आसपास के यात्रियों पर भी पड़ेगा। भागलपुर से उत्तर बिहार, पटना, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें इस रेलखंड का उपयोग करती हैं। ऐसे में कई दिनों तक ट्रेन परिचालन में बदलाव होने से यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

खास तौर पर जनसेवा एक्सप्रेस से भागलपुर और मुजफ्फरपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसी तरह मालदा टाउन से पटना और आनंद विहार की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा।

टिकट बुक करा चुके यात्री रखें ध्यान

जिन यात्रियों ने 21 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच प्रभावित ट्रेनों में पहले से टिकट बुक करा रखे हैं, उनके लिए ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। रेलवे की ओर से अलग-अलग ट्रेनों के लिए रद्दीकरण, मार्ग परिवर्तन या समय में बदलाव की तारीखें अलग हो सकती हैं।

यात्रियों को ट्रेन नंबर और यात्रा की तारीख के आधार पर रेलवे की आधिकारिक सूचना, स्टेशन पूछताछ सेवा या अधिकृत ऑनलाइन माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। इससे अंतिम समय पर स्टेशन पहुंचने के बाद होने वाली परेशानी से बचा जा सकेगा।

4 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य

रेलवे ने प्री नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य को 4 अक्टूबर तक पूरा करने का कार्यक्रम बनाया है। कार्य पूरा होने के बाद नए पुल, डबल लाइन और मुख्य लाइन कनेक्शन से संबंधित रेल संचालन व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

फिलहाल इस अवधि में यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। जनसेवा एक्सप्रेस, मालदा टाउन-पटना, मालदा-आनंद विहार और हावड़ा-जयनगर समेत संबंधित रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों की यात्रा से पहले परिचालन स्थिति की पुष्टि करना जरूरी होगा।

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