Bihar: कैमूर जिले के नुआंव प्रखंड के गर्रा गांव की रहने वाली चंद्रकांता कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में 8वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है।
चंद्रकांता फिलहाल सीतामढ़ी जिले में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के पद पर कार्यरत हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद उनके घर और गांव में खुशी का माहौल है और लोग लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं।
चंद्रकांता की प्रारंभिक पढ़ाई गांव में ही हुई, जिसके बाद वे सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं। वहां उन्होंने करीब दो साल तक रहकर कठिन मेहनत की। उनकी मेहनत का परिणाम पहले बीडीओ चयन के रूप में सामने आया और अब उन्होंने BPSC में राज्य स्तर पर टॉप-10 में जगह बना ली है। उनकी ट्रेनिंग सासाराम में हुई थी, जबकि पहली पोस्टिंग अरवल जिले में मिली थी।
एक साधारण किसान परिवार से आने वाली चंद्रकांता पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता बब्बन सिंह कुशवाहा किसान हैं और माता गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उनकी लगन और मेहनत ने सभी कठिनाइयों को पीछे छोड़ दिया। उनके एक भाई बैंकिंग सेवा में हैं और दूसरा किताब-कॉपी की दुकान चलाता है। चंद्रकांता की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे कैमूर जिले को गर्व का अवसर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने साबित किया है कि मेहनत और लगन से किसी भी बड़े सपने को पूरा किया जा सकता है।