बिहार में रिश्वत लेते कार्यपालक अभियंता गिरफ्तार, घर की तलाशी में मिली करोड़ों की संपत्ति
पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग से जुड़े बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BSEIDC) के पूर्णिया में तैनात कार्यपालक अभियंता द्विजेंद्र कुमार मिश्र को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इंजीनियर ने एक काम के बदले 1.04 लाख रुपये की घूस मांगी थी। निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पटना के बेली रोड स्थित गोल्फ क्लब गेट के समीप से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी ब्यूरो की टीम ने आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान उनकी संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में बड़ी संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
निगरानी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कार्यपालक अभियंता द्विजेंद्र कुमार मिश्र के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी किसी सरकारी कार्य से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ता से 1.04 लाख रुपये लेने के दौरान निगरानी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। कार्रवाई के समय टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
पटना में हुई गिरफ्तारी
निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई पटना में की गई। आरोपी इंजीनियर को बेली रोड स्थित गोल्फ क्लब गेट के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और आगे की जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों ने बताया कि रिश्वतखोरी के मामलों में निगरानी ब्यूरो लगातार कार्रवाई कर रहा है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए शिकायतों के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
घर की तलाशी में संपत्ति का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के आवास और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी ने इतनी संपत्ति कहां से अर्जित की।
निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच के बाद ही संपत्ति का वास्तविक मूल्य और आय के स्रोत का पता चल पाएगा। यदि आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी कोर्ट में पेशी की तैयारी
गिरफ्तार कार्यपालक अभियंता को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगरानी न्यायालय में पेश किया जा सकता है। कोर्ट में पेशी के दौरान जांच एजेंसी आरोपी की रिमांड की मांग भी कर सकती है, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा सके।
निगरानी विभाग की टीम यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अधिकारी के साथ भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं।
भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई
बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। सरकारी विभागों में रिश्वत लेने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोगों से भी अपील की गई है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी निगरानी विभाग को दें।
पूर्णिया में तैनात कार्यपालक अभियंता की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। निगरानी ब्यूरो अब मामले की आगे की जांच में जुटा है और यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आरोपी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर कितनी संपत्ति जुटाई है।