Sultanganj में यातायात रूट में बदलाव

Update: 2026-07-04 13:28 GMT
Bhagalpur भागलपुर : श्रावणी मेला को लेकर सुल्तानगंज में प्रशासनिक तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं। विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग प्लान पर इस बार अधिक ध्यान दिया जा रहा है ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन का लक्ष्य इस बार भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाकर जाम की स्थिति को कम करना है।
इसी क्रम में ट्रैफिक विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने अजगैविनाथ धाम क्षेत्र का निरीक्षण किया और पार्किंग स्थलों की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण में ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार, एडीटीओ संजय कुमार, एमबीआई एस.एन. मिश्रा, डीटीओ बिजेंयान्त कुमार और सीओ अनुज कुमार झा शामिल रहे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार श्रावणी मेला के लिए पार्किंग व्यवस्था को पूरी तरह से नए तरीके से तैयार किया जा रहा है। अलग-अलग रूट से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और जाम की समस्या में कमी आए।
उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा अनुभव देना है। जैसे ही वाहन अलग-अलग मार्गों से आएंगे, उन्हें उनके रूट के अनुसार निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भेजा जाएगा, जिससे भीड़ एक जगह एकत्र नहीं होगी और यातायात का दबाव कम रहेगा।
इस बार प्रशासन द्वारा कई स्थानों को पार्किंग के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें प्रखंड मुख्यालय परिसर, गांधी घर तिलकपुर, बाईपास रोड, भूदान क्षेत्र, मसदी फोरलेन और बाबा चौक के पास स्थित स्थल शामिल हैं। इन सभी जगहों को व्यवस्थित रूप से पार्किंग के लिए तैयार किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। उन्हें अपने वाहन पार्क करने के लिए ज्यादा भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें अपने आने वाले मार्ग के अनुसार ही नजदीकी पार्किंग स्थल मिल जाएगा।
श्रावणी मेला में हर साल लाखों की संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही विस्तृत योजना बनाकर तैयारी शुरू कर दी है।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो न केवल यातायात सुचारू रहेगा बल्कि श्रद्धालुओं का अनुभव भी बेहतर होगा। साथ ही, पुलिस और ट्रैफिक विभाग को भी भीड़ नियंत्रण में आसानी होगी।
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