Bihar: आंखों पर पट्टी बांधकर बाबाधाम देवघर पैदल जा रहे हैं ये कांवड़िये
Bihar बिहार: श्रावणी मेला 2025 शुरू हुआ तो हर साल की तरह इस बार भी शिवभक्तों का हुजूम सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल भरकर बाबाधाम देवघर के लिए रवाना हुआ। कांवरिया पथ अभी भी शिवभक्तों से गुलजार है। हर तरफ भोलेनाथ के नारे गूंज रहे हैं। कोई दंड प्रणाम कर बाबाधाम जा रहा है तो कोई पैदल ही कांवरिया और डाकबम बन रहा है। कुछ युवा आंखों पर पट्टी बांधकर अपने जत्थे के साथ देवघर के लिए निकल पड़े हैं। झारखंड के पलामू के विनोद अग्रवाल और बिहार के खगड़िया निवासी सुधांशु कुमार, दरभंगा और सीवान से आए महेंद्र प्रजापति और राजेंद्र यादव सुल्तानगंज से गंगा जल भरकर पैदल ही बाबाधाम देवघर जा रहे हैं। रविवार को उनके साथ कई अन्य कांवरिया भी रवाना हुए।
महेंद्र प्रजापति आंखें बंद करके कांवरिया पथ पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोलेनाथ ने उनकी फरियाद सुन ली है। मनोकामना पूरी होने पर उन्होंने मन्नत मानी कि वे आँखों पर पट्टी बाँधकर बाबा के दर्शन करेंगे। नयन पट्टी यात्रा कर रहे अन्य कांवड़ियों ने कहा कि यह संकल्प आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने इसे लिया है। बाबा के प्रति श्रद्धा दिखाते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने सहायक के साथ मन में बाबा का नाम लिए देवघर जा रहे हैं।
आँखों पर पट्टी बाँधकर चल रहे कांवड़ियों ने कहा कि बाबाधाम पहुँचकर वे आँखों से पट्टी हटाकर सबसे पहले पंचशूल के दर्शन करेंगे। बाबा ने उनकी मनोकामना पूरी कर दी है। बाबा में उनकी अपार श्रद्धा और भक्ति है। वे बाबा के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ चल पड़े हैं और भोलेनाथ से पूरे देश के कल्याण की प्रार्थना करते हैं।