Bihar बिहार : सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों द्वारा कोचिंग संस्थानों, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने के मामलों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने जिले के सभी शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक विद्यालय परिसर के भीतर या किसी अन्य स्थान पर संचालित कोचिंग संस्थानों, निजी ट्यूशन या व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कार्य नहीं करेंगे। यह आदेश सभी श्रेणियों के शिक्षकों पर लागू होगा, जिसमें प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक और नियोजित शिक्षक शामिल हैं।
डीईओ ने बताया कि यह निर्देश बिहार के निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के आदेश के आलोक में जारी किया गया है। विभाग का मानना है कि यदि सरकारी शिक्षक निजी कोचिंग या ट्यूशन गतिविधियों में संलग्न रहते हैं, तो इसका सीधा असर सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्था पर पड़ता है।
अधिकारियों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों का पूर्ण रूप से विद्यालय कार्य में समर्पित रहना आवश्यक है। निजी कोचिंग या ट्यूशन में समय देने से न केवल विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि छात्रों की उपस्थिति और सीखने की प्रक्रिया पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभानी होगी और किसी भी प्रकार के निजी व्यावसायिक कार्य से दूर रहना होगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस निर्णय से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा और छात्रों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति और उनकी जिम्मेदारी भी और अधिक सुनिश्चित होगी।
स्थानीय स्तर पर इस निर्देश के बाद शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कुछ शिक्षक संगठनों ने इस आदेश को लेकर अपनी राय देने की बात कही है, जबकि विभाग ने साफ किया है कि आदेश का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
इस तरह शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए निजी कोचिंग या ट्यूशन गतिविधियों में शामिल होना नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।