Bhojpur : दर्दनाक हादसा, जर्जर बाउंड्रीवाल गिरने से दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत

Update: 2026-07-18 04:54 GMT

भोजपुर ; बिहार के भोजपुर जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां जर्जर बाउंड्रीवाल गिरने से दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत हो गई। घटना बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया नगर परिषद अंतर्गत वार्ड संख्या छह में हुई। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया। मृतक दोनों बच्चे एक ही परिवार से जुड़े थे और घटना के समय घर के पास मौजूद थे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह बिहिया नगर परिषद के वार्ड संख्या छह में स्थित एक पुरानी और कमजोर बाउंड्रीवाल अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे की चपेट में दो बच्चे आ गए। हादसे में दोनों मासूम गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मृतकों की पहचान वार्ड संख्या छह निवासी साजन रजक के तीन वर्षीय पुत्र शिवांश कुमार और राहुल रजक के ढाई वर्षीय पुत्र अंकित कुमार के रूप में हुई है। दोनों बच्चे आपस में चचेरे भाई थे। बताया जा रहा है कि हादसे के समय दोनों घर के आसपास ही खेल रहे थे, तभी अचानक जर्जर बाउंड्रीवाल गिर गई और दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए।

इस हादसे में बच्चों के दादा भी घायल हो गए। घटना के बाद परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुट गए। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर बच्चों और घायल बुजुर्ग को बाहर निकाला। हालांकि, दोनों बच्चों की मौत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही बिहिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाउंड्रीवाल काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में थी, जिसके कारण वह अचानक गिर गई।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर भवनों और दीवारों की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में कमजोर संरचनाओं के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर क्षेत्र में मौजूद पुराने और खतरनाक भवनों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चे परिवार के लिए बेहद प्रिय थे। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। बच्चों की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मासूम बच्चों की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में कई जगह पुरानी दीवारें और कमजोर निर्माण मौजूद हैं, जिनसे हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से ऐसे स्थानों का सर्वे कराकर सुरक्षा उपाय करने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जर्जर संरचनाओं के आसपास सावधानी बरतें और ऐसी किसी भी स्थिति की जानकारी प्रशासन को दें।

बिहार में बारिश के मौसम के दौरान कमजोर मकानों, दीवारों और अन्य निर्माणों के गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। प्रशासन की ओर से समय-समय पर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन कई बार पुरानी और कमजोर संरचनाओं के कारण हादसे हो जाते हैं।

बिहिया की इस घटना ने एक बार फिर जर्जर निर्माणों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो मासूम बच्चों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है। अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता पर है।

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