Bihar बिहार: विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने महागठबंधन के घोषणा पत्र ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ की सराहना करते हुए कहा कि यह नाम न केवल प्रभावशाली है बल्कि जनता के विश्वास को भी दर्शाता है। गहलोत ने कहा, “जब घोषणा पत्र में ही तेजस्वी का नाम जुड़ गया है, तो यह अपने आप में जनता के लिए एक भरोसे का प्रतीक बन जाता है। इस नाम के माध्यम से विपक्षी गठबंधन ने साफ संदेश दिया है कि बिहार अब नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।”
गहलोत ने कहा कि बिहार में बदलाव की लहर दिखाई दे रही है और युवा नेता तेजस्वी यादव ने अपनी कार्यशैली और दृष्टिकोण से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद का गठबंधन विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ रहा है, जबकि बीजेपी और एनडीए गठबंधन जनता को गुमराह करने में लगे हैं। गहलोत ने आगे कहा, “देशभर में आज बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक असमानता चरम पर है। बिहार जैसे राज्य में जहां युवा आबादी सबसे अधिक है, वहां रोजगार और शिक्षा सबसे बड़ा मुद्दा होना चाहिए।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन के घोषणा पत्र में जो वादे किए गए हैं, वे पूरी तरह यथार्थवादी हैं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है, और इस चुनाव में महागठबंधन को व्यापक समर्थन मिलेगा। गहलोत ने अंत में कहा कि चुनाव सिर्फ सत्ता हासिल करने का साधन नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा का अवसर है। उन्होंने तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए कहा कि वे जिस तरह से युवाओं को राजनीति में जोड़ रहे हैं, वह बिहार की राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा का संचार करेगा।