गोपालगंज: मानसून के आगमन और संभावित बाढ़-2026 के खतरों को भांपते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। बाढ़ के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने और आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में, बाढ़ पूर्व की गई तैयारियों की जमीनी हकीकत और सुरक्षात्मक कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए गोपालगंज के जिला पदाधिकारी (DM) समीर सौरभ ने शनिवार को सारण तटबंध के पताहरा छड़की और मंगलपुर पुल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्थलों पर चल रहे कटाव निरोधक और मरम्मत कार्यों की प्रगति का गहन जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व अभियंताओं को सभी तैयारियां समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी करने का सख्त निर्देश दिया।
तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग के निर्देश
सारण तटबंध के अंतर्गत आने वाले पताहरा छड़की के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता को तलब किया। डीएम ने जमीनी स्थिति को देखते हुए निर्देश दिया कि बाढ़ से पूर्व किए जाने वाले सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और निरोधात्मक कार्य हर हाल में समय रहते पूरे कर लिए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की देरी जोखिम भरी हो सकती है। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए। इसके साथ ही नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखते हुए चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग (गश्त) सुनिश्चित की जाए। डीएम ने कहा कि यदि कहीं भी कोई कमजोर कड़ा या संवेदनशील स्थिति दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) को दी जाए और बिना समय गंवाए तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू किया जाए।
मंगलपुर पुल के सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा, कार्य की गति पर जताया असंतोष
तटबंध का मुआयना करने के बाद जिला पदाधिकारी का काफिला प्रसिद्ध मंगलपुर पुल पहुंचा। वहां नदी की तेज धारा से पुल और उसके एप्रोच रोड को बचाने के लिए चल रहे विभिन्न सुरक्षात्मक और तकनीकी कार्यों की उन्होंने बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कार्य की धीमी प्रगति को देखकर डीएम समीर सौरभ ने गहरी नाराजगी और असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने मौके पर मौजूद निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों और विभागीय अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बाढ़ का समय नजदीक है, ऐसे में सुस्ती के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर मजदूरों और संसाधनों की संख्या बढ़ाकर निर्माण एवं मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि पानी का दबाव बढ़ने से पहले पुल पूरी तरह सुरक्षित हो सके।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम
निरीक्षण के समापन पर डीएम समीर सौरभ ने सभी प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट हिदायत दी कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हमारी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां इतनी चाक-चौबंद होनी चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में जान-माल का नुकसान न होने पाए। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि जन सुरक्षा से जुड़े इन सुरक्षात्मक कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही से कोई अप्रिय घटना होती है, तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए जल संसाधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, और आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों को २४ घंटे सतर्क रहने को कहा गया है और राहत शिविरों एवं नावों की व्यवस्था जैसी आवश्यक तैयारियां भी तेजी से अंतिम चरण में हैं।