पश्चिम चंपारण। नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका के बीच गंडक (नारायणी) नदी में संभावित जलस्तर बढ़ने को लेकर बिहार का पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में जिले की बाढ़ तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने संभावित खतरे, बचाव व्यवस्था और राहत कार्यों की तैयारियों की जानकारी दी।
गंडक नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश
बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नेपाल में होने वाली प्राकृतिक गतिविधियों का असर सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ सकता है, इसलिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहना होगा।
मंत्री ने विशेष रूप से वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा पर लगातार नजर रखने को कहा।
तटबंधों की सुरक्षा पर जोर
समीक्षा बैठक में जिले के तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तटबंधों का नियमित निरीक्षण किया जाए और जहां भी मरम्मत या मजबूती की जरूरत हो, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने कहा कि बाढ़ के दौरान तटबंधों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
संभावित प्रभावित क्षेत्रों की तैयारी
बैठक में उन इलाकों की भी समीक्षा की गई, जहां गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर का असर पड़ सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की व्यवस्था तैयार रखी जा रही है।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की योजना तैयार की गई है।
नेपाल की स्थिति पर प्रशासन की नजर
नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
GLOF की स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों से अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आ सकता है, जिससे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है।
इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
राहत और बचाव दलों की तैयारी
बैठक में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नाव, गोताखोर, मेडिकल टीम और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।
बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक जल्द सहायता पहुंचाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
लोगों से कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
नदी के जलस्तर में किसी भी असामान्य वृद्धि की स्थिति में तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश
मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयारी सबसे जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य संभावित खतरे को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बैठक में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन पूरी तरह तैयार
फिलहाल गंडक नदी के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए पूरी तैयारी रखी गई है।
नेपाल में मौसम और जलस्तर की स्थिति के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।