टीएमबीयू आवासीय परिसर में हादसा, क्वार्टर की छत का हिस्सा गिरा; शिक्षक परिवार बाल-बाल बचा
भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। विश्वविद्यालय के लालबाग आवासीय परिसर स्थित गोदावरी अपार्टमेंट के एक क्वार्टर में रविवार रात अचानक छत का बड़ा हिस्सा गिर गया। हादसे के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, गोदावरी अपार्टमेंट के क्वार्टर संख्या एल-1 में मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्रा अपने परिवार के साथ रहते हैं। रविवार रात अचानक कमरे की छत का प्लास्टर और कंक्रीट का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा।
छत का हिस्सा गिरने की आवाज सुनकर परिवार के लोग घबरा गए। अचानक हुए इस हादसे से घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब परिवार के सदस्यों ने कमरे में जाकर देखा तो छत का बड़ा हिस्सा नीचे गिर चुका था और मलबा पूरे कमरे में फैला हुआ था।
गनीमत रही कि जिस समय छत का स्लैब और प्लास्टर गिरा, उस समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था। अगर उस वक्त कोई व्यक्ति कमरे में होता तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन जर्जर आवासीय व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, विश्वविद्यालय के कई आवासीय भवन लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव की जरूरत में हैं। समय पर देखरेख नहीं होने के कारण भवनों की स्थिति खराब होती जा रही है।
शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को आवासीय परिसरों की नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। उनका आरोप है कि भवनों की जर्जर स्थिति की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी आवासीय भवनों की सुरक्षा जांच कराई जाए और जहां भी मरम्मत की जरूरत है, वहां तत्काल काम कराया जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने भवनों में समय-समय पर संरचनात्मक जांच और मरम्मत जरूरी होती है। छत, दीवारों और अन्य हिस्सों में आई खराबी को नजरअंदाज करने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
डॉ. आशीष कुमार मिश्रा के आवास में हुई इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाले अन्य लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने परिवारों के साथ ऐसे भवनों में रहने को मजबूर हैं, जहां सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मलबा हटाने और कमरे को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हालांकि, अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से घटना को लेकर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस हादसे ने आवासीय भवनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लालबाग आवासीय परिसर में रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते भवनों की जांच और मरम्मत कराई जानी चाहिए।
इस घटना के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह आवासीय परिसरों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए। शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर भवनों की मरम्मत और नियमित निगरानी की मांग तेज हो गई है।
फिलहाल डॉ. आशीष कुमार मिश्रा और उनका परिवार सुरक्षित है। लेकिन छत गिरने की इस घटना ने टीएमबीयू के आवासीय भवनों की स्थिति पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित कर दिया है।