नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा

Update: 2026-06-23 12:18 GMT

Bihar: पटना के रूपसपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के पांच शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 22 ब्लैंक चेक, मार्कशीट, एडमिट कार्ड सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विजय नगर स्थित मनोकामना मंदिर के पास एक अपार्टमेंट में बैंकिंग परीक्षाओं में अवैध तरीके से मदद और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का धंधा चल रहा है। सूचना के आधार पर नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देशन में रूपसपुर पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने सबसे पहले प्रवीण चंद को गिरफ्तार किया। उसके फ्लैट से 22 ब्लैंक चेक, कई मार्कशीट, एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस को शक है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल परीक्षा में धोखाधड़ी और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने में किया जाता था।

प्रवीण चंद से पूछताछ के बाद पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कर्ण कुमार, राज कुमार, अमित चौधरी और मनोज कुमार के रूप में हुई है।

एएसपी शिवम धाकड़ ने बताया कि यह गिरोह बैंकिंग परीक्षाओं में कदाचार कराने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था। प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में रूपसपुर थाने में केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी चल रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने युवाओं को इस गिरोह ने ठगा है।

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