गुवाहाटी/ईटानगर : असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। सीमा क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, सीमा विवाद को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ने के बाद कुछ स्थानों पर प्रदर्शन और झड़प की स्थिति बनी। इस दौरान दोनों ओर से पत्थरबाजी की खबरें सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात संभालने की कोशिश की।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच संबंध केवल सीमा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और आपसी समझ से ही संभव है।
वहीं, अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भी शांति बनाए रखने पर जोर दिया है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच संपर्क बनाए रखने और स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही गई है। प्रशासन का प्रयास है कि स्थानीय विवाद किसी बड़े संघर्ष में न बदले।
असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों राज्यों की सीमा करीब 804 किलोमीटर लंबी है और कई इलाकों में जमीन को लेकर मतभेद रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में दोनों सरकारों ने बातचीत के जरिए कई विवादित क्षेत्रों के समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं।
हालिया तनाव के बाद सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर राज्यों में सीमा विवाद संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए स्थानीय स्तर पर होने वाली छोटी घटनाओं को भी संवाद और प्रशासनिक समन्वय के जरिए तुरंत नियंत्रित करना जरूरी है।
दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की शांति अपील के बाद अब नजर इस बात पर है कि सीमा क्षेत्र में सामान्य स्थिति कितनी जल्दी बहाल होती है और भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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