गुवाहाटी। असम कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के उप-नेता गौरव गोगोई ने रविवार को गुवाहाटी में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य, अनुचित और गैर-कानूनी बताया।गौरव गोगोई ने इस मामले को लेकर असम की बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज से डर रही है और लोकतांत्रिक गतिविधियों को रोकने की कोशिश कर रही है।
जानकारी के अनुसार, गुवाहाटी में CJP की ओर से एक ‘वॉलंटियर मीट’ यानी स्वयंसेवक बैठक का आयोजन किया गया था। इसी दौरान पुलिस ने संगठन के नेता आशुतोष रंका और अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया।इस घटना के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण कार्यक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने और संगठनात्मक गतिविधियां करने का अधिकार है।गोगोई ने सोशल मीडिया और अपने बयान के माध्यम से राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी सरकार युवाओं से इतनी डरी हुई क्यों है।उन्होंने कहा, “क्या सरकार इसलिए डरी हुई है क्योंकि युवाओं ने बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण वाली बांटने की राजनीति को नकार दिया है?”
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचना और असहमति को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों के लिए जगह होनी चाहिए।CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत की घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि इस मामले में पुलिस और राज्य सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विपक्षी दलों का कहना है कि किसी भी संगठन या समूह को शांतिपूर्ण तरीके से बैठक या कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं।गुवाहाटी में आयोजित CJP की स्वयंसेवक बैठक को लेकर पहले से ही प्रशासन की नजर बनी हुई थी। बैठक के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद संगठन से जुड़े लोगों की हिरासत का मामला सामने आया।गौरव गोगोई ने कहा कि युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उनकी गतिविधियों को रोकना चाहिए।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को अपनी नीतियों और फैसलों पर जनता के सवालों का सामना करना चाहिए।असम की राजनीति में युवाओं और नए संगठनों की भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। ऐसे में CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।गौरव गोगोई ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और विचार रखने की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के साथ संवाद करना चाहिए और उनकी चिंताओं को सुनना चाहिए।इस मामले के बाद असम में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देखा है।
वहीं, प्रशासन की ओर से हिरासत की कार्रवाई किन कारणों से की गई, इसे लेकर पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।कुल मिलाकर, गुवाहाटी में CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को अनुचित और गैर-कानूनी बताते हुए सवाल उठाए हैं। वहीं, घटना के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।