Arunachal Pradesh के 19 जिले मलेरिया मुक्त, CM पेमा खांडू ने 2030 लक्ष्य दोहराया

Update: 2026-04-25 15:37 GMT
Itanagar ईटानगर: Pema Khandu ने वर्ल्ड मलेरिया डे के अवसर पर जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश के 19 जिलों ने मलेरिया-फ्री स्टेटस हासिल कर लिया है। उन्होंने इसे राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और 2030 तक मलेरिया को पूरी तरह खत्म करने के लक्ष्य को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि लगातार जागरूकता अभियान, समय पर जांच और उपचार, तथा रोकथाम के उपायों ने इस उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2022 में अरुणाचल प्रदेश मलेरिया के ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता था, लेकिन अब राज्य ने प्रगति करते हुए कैटेगरी-I (कम प्रभावित) का दर्जा हासिल कर लिया है। यह बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 19 जिलों का मलेरिया-फ्री होना इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास सकारात्मक परिणाम देते हैं। उन्होंने कहा कि इस सफलता को बनाए रखना और बाकी क्षेत्रों में भी इसी तरह के परिणाम हासिल करना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में मलेरिया नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें नियमित सर्वे, मच्छर नियंत्रण उपाय, दवाओं की उपलब्धता और लोगों को जागरूक करना शामिल है। इसके साथ ही जोखिम वाले इलाकों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी पूरी तरह से मलेरिया खत्म नहीं हुआ है और शेष जिलों में प्रयास जारी रहेंगे। इसके लिए सभी विभागों और समुदायों को मिलकर काम करने की जरूरत बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे साफ-सफाई बनाए रखें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरुणाचल प्रदेश की यह उपलब्धि अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। सही रणनीति और जनभागीदारी के माध्यम से संक्रामक रोगों पर नियंत्रण संभव है।
फिलहाल, राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनी रणनीतियों को और मजबूत करने में जुटे हुए हैं, ताकि आने वाले वर्षों में पूरे राज्य को मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
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