तिरुपति: तिरुमाला आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए तिरुपति में रहने, खाने, ट्रांसपोर्ट और पार्किंग की बेहतर सुविधाएँ मिलने वाली हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को अमरावती से वर्चुअल तरीके से 3,222.12 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य आध्यात्मिकता, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण को मिलाकर तिरुपति को विश्व-स्तरीय आध्यात्मिक शहर के रूप में विकसित करना है। इन परियोजनाओं में अलीपिरी के पास एक इंटीग्रेटेड टूरिज्म टाउनशिप, एक मल्टी-लेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) कर्मचारियों के लिए आवासीय लेआउट और तिरुपति शहरी विकास प्राधिकरण (TUDA) के मास्टर प्लान के तहत नौ सड़कें शामिल हैं।

नायडू ने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा करना स्वयं देवता की सेवा करने के समान है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि भक्तों को बिना किसी परेशानी के रहने, अन्नप्रसादम, ट्रांसपोर्ट, पार्किंग और स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। उन्होंने तिरुमाला की पवित्रता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए तिरुपति में वैकल्पिक सुविधाएँ विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों को शहर में प्रवेश करते ही आध्यात्मिक माहौल का अनुभव हो।

अलीपिरी के पास बनने वाली इंटीग्रेटेड टूरिज्म टाउनशिप में लगभग 2,700 कमरों में 15,000 तीर्थयात्रियों के ठहरने की योजना है। एक बार में 6,000 भक्तों को भोजन कराने के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से अन्नप्रसादम सुविधा स्थापित की जाएगी। एक 'पिलग्रिम्स एक्सपीरियंस सेंटर' (तीर्थयात्री अनुभव केंद्र) आगंतुकों को भगवान वेंकटेश्वर के इतिहास, तिरुमाला के महत्व और इसकी संस्कृति व परंपराओं से परिचित कराएगा।

ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्याओं को दूर करने के लिए, लगभग 310 करोड़ रुपये की लागत से एक मल्टी-लेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा, जिसमें 4,500 वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी। लगभग 90 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट टर्मिनल 30 बसों के लिए जगह उपलब्ध कराएगा। सरकार ने लगभग 418 एकड़ भूमि पर 5,192 TTD कर्मचारियों के लिए आवासीय प्लॉट का प्रस्ताव भी दिया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 230 करोड़ रुपये है, जिसमें TTD 150 करोड़ रुपये और कर्मचारी 80 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। हर प्लॉट का औसत साइज़ 1,800 स्क्वायर फ़ीट तक रखने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने TUDA मास्टर प्लान के अनुसार नौ सड़कों को विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि ट्रैफ़िक जाम कम हो और शहर के अलग-अलग हिस्सों और आस-पास के औद्योगिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। उन्होंने अधिकारियों को झीलें बचाने और उन्हें ठीक करने, जल निकायों को जोड़ने और साफ़ करने, वॉकिंग ट्रैक बनाने और हरियाली बढ़ाने का निर्देश दिया। अधिकारियों से तिरुपति की भविष्य की पानी की ज़रूरतों को पूरा करने के विकल्पों पर विचार करने को कहा गया।

नायडू ने कहा कि तिरुपति को रुइया अस्पताल, SVIMS, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के विकास में तालमेल बिठाकर अपने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को मज़बूत करना चाहिए। सफ़ाई, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शहर को नेट-ज़ीरो विकास की ओर ले जाने के लिए एक लंबी अवधि की योजना तैयार करने को कहा।

उन्होंने इन कामों को जहाँ तक संभव हो, दो साल के भीतर पूरा करने और जनता के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा। इस कार्यक्रम में तिरुपति से ज़िला कलेक्टर डॉ. एस. वेंकटेश्वर, संयुक्त कलेक्टर आर. गोविंदा राव, नगर आयुक्त एम. जयकृष्ण, विधायक अरानी श्रीनिवासुलु, पुलिवर्थी नानी और ज्योथुला नेहरू, TUDA अध्यक्ष सी. दिवाकर रेड्डी, TTD बोर्ड के सदस्य पनाबाका लक्ष्मी और जी. भानु प्रकाश रेड्डी और अन्य अधिकारी शामिल हुए।

राजस्व मंत्री अनागनी सत्य प्रसाद, बंदोबस्त मंत्री अनाम रामनारायण रेड्डी और नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण ने वर्चुअल रूप से भाग लिया। TTD के कार्यकारी अधिकारी एम. रवि चंद्र और अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी सीएच. वेंकैया चौधरी तिरुमाला से कार्यक्रम में शामिल हुए।

तीर्थयात्रियों के लिए ऐप लॉन्च

मुख्यमंत्री ने TTD द्वारा विकसित डिजिटल नेविगेशन और तीर्थयात्री-सहायता मोबाइल एप्लिकेशन 'वेंकटाद्रि' को वर्चुअल रूप से लॉन्च किया। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह ऐप भक्तों को तिरुमाला में रास्ता खोजने और ज़रूरी सुविधाओं का पता लगाने में मदद करता है, जिसमें AI-संचालित वॉयस असिस्टेंट चौबीसों घंटे मार्गदर्शन देता है।

तीर्थयात्री पीने के पानी के पॉइंट और दर्शन प्रवेश पॉइंट जैसी सुविधाओं का पता लगाने के लिए वॉयस कमांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह ऐप ऑफ़लाइन नेविगेशन को सपोर्ट करता है, जिससे भक्त कम या बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले इलाकों में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वेंकटाद्रि ऐप पीने के पानी की जगह, अस्पताल और मेडिकल सेंटर, पार्किंग एरिया, पब्लिक टॉयलेट और बस स्टॉप जैसी 25 कैटेगरी की सुविधाओं वाली 350 से ज़्यादा जगहों को मैप करता है। यह दर्शन एंट्री पॉइंट, सामान रखने की जगह, जूते-चप्पल जमा करने की मुफ़्त सुविधा, खाने-पीने की दुकानें और कैंटीन, कमरा अलॉटमेंट काउंटर, तीर्थयात्री सहायता डेस्क, TTD ऑफ़िस और सब-इन्क्वायरी ऑफ़िस को भी मैप करता है।

यह ऐप इमरजेंसी कॉन्टैक्ट, पुलिस सर्विस और TTD हेल्पलाइन तक वन-टच एक्सेस देता है। यह बस रूट और टाइमिंग भी दिखाता है। इसके ‘मार्क माई स्पॉट’ फ़ीचर से तीर्थयात्री अपनी पार्किंग की जगह या किसी दूसरी ज़रूरी जगह को सेव कर सकते हैं और वापस वहाँ तक पहुँचने के लिए नेविगेट कर सकते हैं।

तेलुगु, तमिल, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध वेंकटाद्रि ऐप का मकसद तीर्थयात्रियों के लिए नेविगेशन को आसान बनाना है।

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