UNIDO डेलीगेशन ने नेल्लोर में सीफूड प्रोसेसिंग सेक्टर का किया आकलन, एक्सपोर्ट क्षमता बढ़ाने पर फोकस

Update: 2026-04-22 16:13 GMT
Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: Nellore में बुधवार को United Nations Industrial Development Organization के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र में विकसित हो रहे सीफूड प्रोसेसिंग इकोसिस्टम का मूल्यांकन करना और इसके निर्यात (एक्सपोर्ट) की संभावनाओं को मजबूत करने के उपायों की पहचान करना था।
इस प्रतिनिधिमंडल में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑफिसर Juan Pablo Diaz Castillo और एसोसिएट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्सपर्ट April Chang शामिल थे। दोनों विशेषज्ञों ने नेल्लोर में मौजूद श्रिम्प और अन्य सीफूड प्रोसेसिंग क्लस्टर्स का फील्ड स्तर पर निरीक्षण किया।
यह दौरा Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises के साथ मिलकर शुरू की गई एक बड़ी पहल का हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूत बनाना और छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
UNIDO टीम ने स्थानीय उद्योगों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और सप्लाई चेन की स्थिति का अध्ययन किया। उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि किस तरह से तकनीकी सुधार, गुणवत्ता मानक और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाकर निर्यात क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, नेल्लोर क्षेत्र विशेष रूप से श्रिम्प और समुद्री खाद्य उत्पादों के लिए जाना जाता है। यहां का सीफूड प्रोसेसिंग क्लस्टर देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में से एक माना जाता है। ऐसे में UNIDO का यह दौरा इस सेक्टर की संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस अध्ययन का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कैसे छोटे और मध्यम उद्यमों को तकनीकी और वित्तीय सहायता देकर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा सकता है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
UNIDO अधिकारियों ने स्थानीय उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और उनकी चुनौतियों को समझा। इनमें बुनियादी ढांचे की कमी, प्रोसेसिंग तकनीक का आधुनिकीकरण और एक्सपोर्ट मार्केट तक पहुंच जैसी समस्याएं शामिल थीं।
यह पहल शुरुआती चरण में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर पर केंद्रित है, लेकिन भविष्य में इसे अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना भी बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य भारत के MSME सेक्टर को वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की पहल सफल होती है, तो नेल्लोर जैसे क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय सीफूड हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा बल्कि भारत के निर्यात क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
फिलहाल, UNIDO की यह फील्ड स्टडी रिपोर्ट आगे की नीति निर्धारण और विकास योजनाओं के लिए आधार तैयार करेगी। आने वाले समय में इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और निवेश बढ़ने की संभावना है।
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