काकीनाडा: सड़क मंत्री बी.सी. जनार्दन रेड्डी ने कहा है कि सरकार काकीनाडा को एक बड़े इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करेगी और साथ ही आंध्र प्रदेश की समुद्री अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।

वे सोमवार को जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी काकीनाडा (JNTUK) में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के रीजनल समिट के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उनके साथ पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश और उद्योग मंत्री टी.जी. भरत भी मौजूद थे।

जनार्दन रेड्डी ने कहा कि बंदरगाह सिर्फ़ जहाजों के रुकने की जगह नहीं हैं, बल्कि ये किसानों, मछुआरों और उद्योगों को घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने वाले अहम व्यापारिक केंद्र हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार समुद्री रास्तों, सड़कों, रेलवे और जलमार्गों को जोड़कर आंध्र प्रदेश को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि समुद्री व्यापार के लिए काकीनाडा इलाके को भौगोलिक रूप से खास फायदे हासिल हैं।

मंत्री ने कहा कि यानम बंदरगाह, स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) बंदरगाह, गहरे पानी वाले बंदरगाह (डीप-वॉटर पोर्ट), एंकरेज पोर्ट और मछली पकड़ने वाले बंदरगाह (फिशिंग हार्बर) समुद्री व्यापार में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने बताया कि 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के दौरान काकीनाडा डीप-वॉटर पोर्ट पर कार्गो का आवागमन 18.42 मिलियन टन, एंकरेज पोर्ट पर 3.42 मिलियन टन और पास के रावा पोर्ट पर 0.58 मिलियन टन रहा। राज्य भर के बंदरगाहों ने साल के दौरान लगभग 210 मिलियन टन कार्गो संभाला, जो पिछले साल के मुकाबले 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

जनार्दन रेड्डी ने कहा कि राज्य के ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। कुल 104 सड़क परियोजनाएं (1,967 किमी) जिन पर 38,815 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, उन पर काम चल रहा है, जबकि 51 अन्य परियोजनाएं (2,624 किमी) पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जुड़ा कुल निवेश 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा है।

नेशनल वॉटरवे-4 कम लागत पर माल ढुलाई के मौके देता है। उन्होंने कहा कि सरकार बंदरगाहों, सड़कों, रेलवे और जलमार्गों को जोड़कर एक कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाने की योजना बना रही है। पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश ने उद्योगपतियों को आंध्र प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए सरकार के सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा और पर्यटन को एक औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है।

उद्योग मंत्री भरत ने कहा कि सरकार राज्य भर में व्यापक विकास सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित कर रही है। इन बैठकों का उद्देश्य स्थानीय निवेशकों, जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर अधिक स्पष्टता प्रदान करना था।

भरत ने कहा कि उद्योगों को अनुमति मिलने के 18 महीने के भीतर अपनी इकाइयां स्थापित कर लेनी चाहिए।

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