विशाखापत्तनम: रविवार को पेडा जलारीपेटा में शहीद भगत सिंह की 119वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर मछुआरों, युवाओं और बच्चों ने 'नवजवान भारत सभा' और 'शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी' द्वारा आयोजित कई सांस्कृतिक, साहित्यिक और खेल कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
इन कार्यक्रमों में भारत के सबसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक, भगत सिंह के जीवन और आदर्शों को याद किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शोषण और असमानता से मुक्त समाज का भगत सिंह का सपना पीढ़ियों को प्रेरित करता रहा है।
नवजवान भारत सभा के कोऑर्डिनेटर एन. सुजन ने कहा कि भगत सिंह ने ऐसे समाज का सपना देखा था जहाँ कोई व्यक्ति किसी दूसरे का शोषण न कर सके और जहाँ समानता और न्याय हो। उन्होंने कहा कि जिन आदर्शों के लिए भगत सिंह लड़े, वे आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर बच्चे को मुफ़्त और अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए और लोगों से इस अधिकार को हासिल करने की कोशिश करने का आग्रह किया।
APTF शिक्षक आंदोलन के नेता वेंकटपति राजू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जीवन साहस, सामाजिक प्रतिबद्धता और बौद्धिक जिज्ञासा का उदाहरण था। उन्होंने युवाओं को सवाल पूछने की आदत डालने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के तहत, बच्चों ने सवाल पूछने और वैज्ञानिक सोच के महत्व को दिखाने वाला एक नाटक पेश किया। मशहूर कवि श्री श्री के लिखे क्रांतिकारी गीत गाए गए, जबकि मछुआरों और स्थानीय लोगों ने लोकप्रिय प्रेरणादायक गीत भी गाए, जिनमें कृष्णमाचार्युलु दशरथी का लिखा ‘आ चलानी समुद्र गर्भम’ और सलिल चौधरी का लिखा ‘तू ज़िंदा है तो ज़िंदगी की जीत पर यकीन कर’ शामिल थे।
पेडा जलारीपेटा के मछुआरों और बच्चों के लिए आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रस्साकशी (tug-of-war) की प्रतियोगिताओं में भारी भीड़ उमड़ी और प्रतिभागियों ने टीम भावना और प्रतिस्पर्धा का जोश दिखाया। वेंकटपति राजू ने विजेताओं को पुरस्कार दिए।
स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भगत सिंह जैसे नेताओं की विरासत को ज़िंदा रखने और समुदाय के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव बढ़ाने में मदद करते हैं। प्रतिभागियों ने बच्चों को ज्ञान हासिल करने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने और पढ़ने, चर्चा करने व सवाल पूछकर जवाब खोजने के लिए प्रोत्साहित करने में 'शहीद भगत सिंह लाइब्रेरी' की भूमिका पर भी ज़ोर दिया। इस कार्यक्रम में लाइब्रेरी वॉलंटियर्स बी. जया, एस. उषा और एम. अरुणा, तथा नौजवान भारत सभा के सदस्य अविनाश, एस. पूजा, एस. भगत और जी. जान्या शामिल हुए।