ताडेपल्ली: YSR कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता करुमुरी वेंकट रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाया कि वे केवल प्रचार-प्रसार पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि चक्रवात से प्रभावित लोग बिना किसी पर्याप्त मदद के संघर्ष कर रहे हैं।
पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, अधिकारियों को समय रहते सतर्क करने और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने मंत्रियों की इस बात के लिए भी आलोचना की कि वे प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बजाय CCTV कैमरों के जरिए फसलों के नुकसान का आकलन करने का दावा कर रहे हैं।
वेंकट रेड्डी ने बताया कि लाखों एकड़ में फसलें बर्बाद हो गई हैं और सैकड़ों गांवों में बिजली और परिवहन सेवाएं ठप हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने फील्ड सर्वे पूरा किए बिना ही नुकसान का एक सीमित अनुमान जारी कर दिया है, जिससे किसानों के साथ और भी बड़ा अन्याय हो सकता है।
YSRCP नेता ने प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत नकद सहायता, जरूरी सामान, पीने का पानी, सुरक्षित आश्रय और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराने की मांग की।
वेंकट रेड्डी ने चक्रवात 'मोन्था' से प्रभावित किसानों के लिए बकाया मुआवजे और इनपुट सब्सिडी के भुगतान की भी मांग की। साथ ही, उन्होंने मौजूदा चक्रवात से प्रभावित सभी पात्र किसानों के नुकसान का व्यापक आकलन करने और उन्हें मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बिजली और परिवहन सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं, क्योंकि भारी बारिश अभी भी जारी रह सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रचार-प्रसार और नारा लोकेश के सोशल मीडिया पोस्ट से किसानों को कोई मदद नहीं मिलेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चक्रवात से निपटने के अभियान का इस्तेमाल स्थानीय चुनावों के दौरान हुई हिंसा और अव्यवस्था से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।
इस बीच, YSRCP ने तिरुपति जिला प्रशासन से अतिरिक्त बल तैनात करने और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की है, क्योंकि विपक्षी उम्मीदवारों को परेशान और डराया-धमकाया जा रहा है।
पूर्व TTD चेयरमैन और YSRCP नेता भूमाना करुणाकर रेड्डी ने प्रशासन से मांग की है कि तिरुपति नगर निगम क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं और उम्मीदवारों या चुनाव कर्मचारियों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सकें।
जिला कलेक्टर और SP को लिखे एक पत्र में उन्होंने बताया कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें YSRCP उम्मीदवारों को डराया-धमकाया गया और उन पर शारीरिक हमले किए गए। यहां तक ​​कि महिला उम्मीदवारों पर भी हमले हुए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ही आगे बढ़ पाई। उन्होंने कहा कि हमें पता चला है कि हमारे कॉर्पोरेटर और मेयर पद के उम्मीदवारों को राजनीतिक विरोधियों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है। इसका मकसद चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना और पोलिंग बूथों से हमारी पार्टी के एजेंटों को बाहर निकालकर चुनाव में धांधली करना है।
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