अमरावती। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राप्ताडु मंडल के एक सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा पर एक अज्ञात व्यक्ति ने इलेक्ट्रिक आरी (पावर चेनसॉ) से हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। आरोपी ने छात्रा के चेहरे, गर्दन, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया। इस दौरान उसका दाहिना हाथ भी कट गया। छात्रा को बचाने के लिए आगे आई एक अन्य विद्यार्थी भी घायल हो गई। स्कूल के क्लासरूम में हुई इस वारदात से विद्यार्थियों और शिक्षकों में दहशत फैल गई।
यह घटना शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10 से 10:30 बजे के बीच राप्ताडु स्थित जिला परिषद हाईस्कूल में हुई। घटना के बाद घायल छात्रा को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अनंतपुर सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार और सर्जरी की जा रही है।
क्लास चल रही थी, तभी स्कूल में घुसा हमलावर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के समय स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं और क्लासरूम में 30 से अधिक विद्यार्थी मौजूद थे। छात्राएं अपनी पढ़ाई में व्यस्त थीं। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति स्कूल परिसर में दाखिल हुआ और सीधे 10वीं कक्षा की छात्रा पर हमला कर दिया।
हमलावर के हाथ में इलेक्ट्रिक आरी थी। उसने छात्रा पर लगातार वार किए। अचानक हुए इस हमले से क्लासरूम में मौजूद विद्यार्थियों में भगदड़ मच गई। छात्र-छात्राएं डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों को भी शुरुआत में समझ नहीं आया कि आखिर स्कूल के अंदर क्या हो रहा है।
हमले में छात्रा के दाहिने हाथ के कट जाने और गर्दन तथा कानों पर गहरे घाव होने की जानकारी सामने आई है। छात्रा को बचाने के लिए आगे आई दूसरी छात्रा भी घायल हो गई। उसके पैरों में चोट लगने की खबर है।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर कर रहे इलाज
घटना के तुरंत बाद स्कूल के शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पहले उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए अनंतपुर सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई थी और डॉक्टर उसकी सर्जरी कर रहे थे। इस हमले में शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। दूसरी घायल छात्रा को भी उपचार दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही छात्रा के परिजन अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में परिवार के लोगों की भीड़ जमा हो गई। मासूम बेटी के साथ हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्कूल में निर्माण कार्य के बीच हमलावर की एंट्री
इस घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, स्कूल परिसर में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। इसी वजह से बाहरी लोगों की आवाजाही बनी हुई थी।
स्कूल की प्रधानाचार्य राजेश्वरी ने बताया कि पावर आरी की आवाज सुनकर वह तुरंत क्लासरूम की तरफ दौड़ीं। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने एंबुलेंस सेवा 108 को सूचना दी और घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाया।
निर्माण कार्य के कारण स्कूल में बाहरी लोगों का आना-जाना था। ऐसे में यह जांच का विषय बन गया है कि आखिर हमलावर बिना किसी रोक-टोक के स्कूल के अंदर कैसे पहुंच गया और उसके पास इतनी खतरनाक मशीन कैसे थी। घटना के समय स्कूल में शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे, इसके
बावजूद
हमलावर ने वारदात को अंजाम दे दिया।
हमलावर की पहचान और हमले की वजह अब तक स्पष्ट नहीं
पुलिस के सामने इस समय दो सबसे बड़े सवाल हैं। पहला, स्कूल में घुसकर छात्रा पर हमला करने वाला व्यक्ति कौन है और दूसरा, उसने इस वारदात को अंजाम क्यों दिया?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हमले के पीछे छात्रा के एक प्रस्ताव को ठुकराने से जुड़ी रंजिश की आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस की जांच में इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभी इसे हमले की निश्चित वजह मानना जल्दबाजी होगी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्कूल में मौजूद शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा सकती है। हमलावर की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना की जानकारी मिलने के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी गहरा दुख और नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में चल रहे उपचार की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को छात्रा के इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस अधिकारियों को हमलावर की जल्द गिरफ्तारी और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल के भीतर छात्राओं पर इस तरह का हमला बेहद गंभीर मामला है और दोषी को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलनी चाहिए। सरकार की ओर से छात्रा के उपचार पर नजर रखने की बात भी कही गई है।
स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। स्कूलों को बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता है, जहां वे बिना किसी डर के पढ़ाई कर सकें। लेकिन क्लासरूम के अंदर इस तरह की वारदात ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेष रूप से उन स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है, जहां निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा है। ऐसे परिसरों में बाहरी मजदूरों और अन्य लोगों की पहचान सुनिश्चित करना, प्रवेश रजिस्टर बनाए रखना और निगरानी व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
फिलहाल अनंतपुर की इस घटना में घायल छात्रा की जिंदगी बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं पुलिस के सामने हमलावर को पकड़ने और हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने की चुनौती है। जांच पूरी होने के बाद ही इस सनसनीखेज वारदात की पूरी कहानी सामने आ सकेगी।
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