राजस्थान

घर में घुसा बेकाबू डंपर, मां-बेटी की दर्दनाक मौत

Rajeshwari Nishad
31 Oct 2026 2:02 PM IST
घर में घुसा बेकाबू डंपर, मां-बेटी की दर्दनाक मौत
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डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। सागवाड़ा बायपास पर शुक्रवार देर रात एक बेकाबू डंपर सड़क किनारे बने मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गया। हादसा इतना भीषण था कि घर में सो रहे परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। डंपर की चपेट में आने से 45 वर्षीय महिला और उसकी 15 साल की बेटी की मौत हो गई, जबकि महिला का पति और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मदद के लिए मौके पर पहुंच गए।
यह दर्दनाक हादसा 30 अक्टूबर की देर रात डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-927A पर गलियाकोट पुल के पास हुआ। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से घर में मातम पसर गया है।
आधी रात करीब 12 बजे मकान में घुसा डंपर
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 12 बजे बांसवाड़ा की तरफ से एक तेज रफ्तार डंपर सागवाड़ा बायपास की ओर आ रहा था। आईटीआई के पास पहुंचते ही चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद डंपर सड़क किनारे बने एक मकान की दीवार तोड़ता हुआ सीधे घर के अंदर घुस गया।
हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज हुई और मकान का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। डंपर सीधे कमरे में जा घुसा, जिससे वहां सो रहे लोगों को संभलने का अवसर नहीं मिला। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। डंपर की टक्कर से मकान का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोग भी धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंच गए।
सुशीला और बेटी राधिका की मौके पर मौत
इस भीषण हादसे में 45 वर्षीय सुशीला मनात और उनकी 15 वर्षीय बेटी राधिका की जान चली गई। दोनों घटना के समय कमरे में सो रही थीं। डंपर की सीधी टक्कर से दोनों गंभीर रूप से दब गईं और उन्हें बचाने का मौका नहीं मिल सका।
वहीं, महिला के पति विनोद और बेटा महेंद्र भी हादसे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। विनोद मकान के बरामदे में सो रहे थे, जबकि बेटा महेंद्र उसी कमरे में मौजूद था, जहां मां-बेटी सो रही थीं।
एक ही परिवार के चार सदस्यों में से दो की मौत और दो के गंभीर घायल होने की खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चलाया बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलने के बाद सागवाड़ा थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मकान में डंपर घुसने के कारण परिवार के सदस्य मलबे और वाहन के बीच फंस गए थे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया और तत्काल सागवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सुशीला और राधिका को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल विनोद और महेंद्र को भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया गया।दोनों मृतकों के शव अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के साथ हादसे की जांच शुरू कर दी।
डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार
इस हादसे के बाद डंपर चालक की लापरवाही और उसकी फरारी का मामला भी सामने आया है।
दुर्घटना
के बाद चालक डंपर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर बांसवाड़ा की तरफ से आ रहा था और तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। हालांकि, वाहन अनियंत्रित होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डंपर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। चालक की पहचान और हादसे के दौरान वाहन की स्थिति सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
हाईवे किनारे बने मकानों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सागवाड़ा बायपास पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे के किनारे बने रिहायशी मकानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क किनारे रहने वाले परिवारों पर हमेशा दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के लिए यह घटना बेहद दुखद है। उनका कहना है कि अगर भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखने के पर्याप्त इंतजाम हों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा उपाय किए जाएं तो इस तरह के हादसों की आशंका कम की जा सकती है।
खासकर रिहायशी इलाकों, चौराहों और बायपास के आसपास भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण जरूरी है। सड़क किनारे बने घरों के पास सुरक्षा इंतजाम और उचित संकेतक भी महत्वपूर्ण हैं।
एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में सुशीला और राधिका की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के दो सदस्य अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि विनोद और महेंद्र अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।जिस घर में परिवार के सदस्य रात को सुकून से सो रहे थे, वहां कुछ ही पलों में मातम छा गया। एक बेकाबू डंपर ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों से होने वाले सड़क हादसों और उनके खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है।
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