कुप्पम: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र को हरा-भरा बनाना और वहां कृषि तथा पीने के पानी की सुरक्षा को मजबूत करना है। इसके लिए 'हंद्री-नीवा सुजला श्रवंती' परियोजना के दूसरे चरण के तहत कुप्पम ब्रांच नहर के माध्यम से कृष्णा नदी के पानी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने मंगलवार को शांतिपुरम मंडल के गुंडिसेट्टीपल्ली में कुप्पम ब्रांच नहर के जरिए कृष्णा नदी का पानी पहुंचने के उपलक्ष्य में 'जल-आरती' की और एक पट्टिका का अनावरण किया। नायडू ने नदी को हल्दी, कुमकुम और फूल अर्पित किए और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृष्णा नदी का पानी पहुंचने से कुप्पम के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और यह सिंचाई तथा पीने के पानी की जरूरतों के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुप्पम के विकास में जल संसाधनों को प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि पानी की निश्चित उपलब्धता से कृषि, उद्योगों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। नायडू ने बताया कि पिछले साल कुप्पम ब्रांच नहर के जरिए 133 तालाबों को कृष्णा नदी के पानी से भरा गया था।
अब सरकार का लक्ष्य निर्वाचन क्षेत्र में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी संभावित छोटे जलाशयों को भरना है।
कुप्पम ब्रांच नहर, पुंगनूर ब्रांच नहर के 207.800 किलोमीटर बिंदु से शुरू होती है और 131.200 किलोमीटर तक बहते हुए कुप्पम के पास परमसमुद्रम तालाब पर समाप्त होती है। इसमें तीन लिफ्ट पॉइंट और 48 पानी के आउटलेट हैं। इस नहर को मूल रूप से पलामानेर और कुप्पम निर्वाचन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले 110 छोटे तालाबों को पानी उपलब्ध कराने और 6,300 एकड़ के सिंचित क्षेत्र (आयाकट) को स्थिर करने के लिए डिजाइन किया गया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 2025-26 में 21 अगस्त को पुंगनूर ब्रांच नहर से कृष्णा नदी का पानी कुप्पम ब्रांच नहर में आया और 25 अगस्त को परमसमुद्रम तालाब तक पहुंचा।
नायडू ने कहा कि तालाबों के भरने से भूजल स्तर में सुधार हुआ है और आसपास के इलाकों में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी उपयुक्त छोटे तालाबों को नहर के पानी से जोड़ा जाए।
प्रस्तावित योजना के तहत, 439.640 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले 418 छोटे तालाबों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इस प्लान में गुडुपल्ले में 207.140 करोड़ रुपये की लागत से 96 टैंक, रामाकुप्पम में 101.830 करोड़ रुपये की लागत से 128 टैंक, शांतिपुरम में 78 करोड़ रुपये की लागत से 87 टैंक और कुप्पम में 63.570 करोड़ रुपये की लागत से 107 टैंक बनाना शामिल है। गुडुपल्ले मंडल में इंडस्ट्रियल एरिया की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए 200 मिलियन क्यूबिक फ़ीट क्षमता वाले कालीवनका रिज़र्वॉयर का भी प्रस्ताव रखा गया है।
नायडू ने कहा कि सरकार का मकसद जल संसाधनों, खेती, उद्योगों, बुनियादी ढांचे और रोज़गार के मौकों को बेहतर बनाकर कुप्पम को एक इंटीग्रेटेड निर्वाचन क्षेत्र के तौर पर विकसित करना है।
गुंडिसेट्टीपल्ली में कुप्पम ब्रांच नहर पर आयोजित 'जल हारथी' कार्यक्रम में उत्सव जैसा माहौल था, जिसमें पूरे निर्वाचन क्षेत्र से लोग शामिल हुए। इस मौके पर ग्रामीण सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।