Yoga: अगर आपको आंखों से पानी आना, धुंधला दिखना या नेत्र थकान की शिकायत है तो कुछ आसान योगासन आपके लिए बेहद लाभकारी हो सकते हैं। इसके अलावा आंखों की सेहत के लिए दिन में हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए किसी दूर की वस्तु को देखें। साथ ही विटामिन A युक्त आहार लें जैसे गाजर, पपीता, और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें और मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन का उपयोग करते समय ब्लू लाइट फिल्टर लगाएं। यहां आंखों की सेहत को बेहतर बनाने के लिए कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है।
आंखों की समस्याओं के सामान्य कारण:
आंखों में दर्द, धुंधला दिखना, आंखों से पानी आना समेत नेत्र संबंधी समस्याओं के कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं। जैसे,
ज्यादा समय तक स्क्रीन यानी मोबाइल व लैपटॉप का उपयोग करना आंखों की सेहत को प्रभावित करता है।
नींद की कमी के कारण नेत्र थकावट महसूस करते हैं।
स्ट्रेस और थकावट से भी नेत्र संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
आंखों की मांसपेशियों के कमजोर होने केकारण भी नेत्र संबंधित समस्याएं होने लगती है।
पोषण की कमी से दृष्टि कमजोर और आंखों में दर्द रहता है।
इन योगासनों से मिलेगा आंखों को लाभ:
पल्मिंग:
आंखों पर हथेलियों को हल्के से रखकर उन्हें गर्माहट दें। यह आंखों को तुरंत आराम देता है और मांसपेशियों की थकान को दूर करता है।
त्राटक क्रिया :
इसमें किसी किसी स्थिर वस्तु या दीपक की लौ को बिना पलक झपकाए देखना होता है। इससे आंखों की एकाग्रता बढ़ती है और दृष्टि में सुधार होता है।
आंखों की एक्सरसाइज :
आंखों को चारों तरफ घुमाएं। इमसें नेत्रों को दाएं-बाएं, ऊपर-नीचे और गोल घुमाया जाता है। ऐसा करने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती है।
शवासन :
शवासन का नियमित अभ्यास मानसिक तनाव कम करता है, जिससे आंखों की थकान भी घटती है।
भ्रामरी प्राणायाम के नियमित अभ्यास से आंखों और मस्तिष्क को शांति मिलती है, जिससे जलन और थकान कम होती है। इसके अभ्यास के लिए शांत स्थान पर बैठकर आंख बंद करें और तर्जनी उंगलियों को दोनों कानों पर रखें। नाक से श्वास लें और छोड़ें। सांस छोड़ते समय ओम का उच्चारण करना है।