तुलसी होगी घनी और हरी, बस बनाएं ये घरेलू खाद

Update: 2025-06-01 12:11 GMT
Lifestyle लाइफस्टाइल : तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद है। गर्मियों में यह मुरझा सकता है लेकिन घर पर नेचुरल खाद बनाकर इसे बरगद जैसा घना किया जा सकता है।
हर 15 दिन में एक बार इस खाद का इस्तेमाल करने से पौधा हरा-भरा और घना रहेगा। तुलसी का पौधा कई फायदों में अहम होता है। यह हिंदू धर्म में बेहद खास और पवित्र माना जाता है। यही वजह है कि भारत में लगभग हर घर में तुलसी का पौधा जरूर लगाया जाता है। धार्मिक रूप से इसे कफी अहम माना जाता है और लोग रोजाना इसकी पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अलावा यह सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। तुलसी के पत्ते कई समस्याओं से छुटकारा दिलाते हैं।
साथ ही यह स्किन के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि, गर्मियों के मौसम में अक्सर धूप की वजह से इसका पौधा मुरझाने लगता है। घर में तुलसी का पौधा सूखना अशुभ माना जाता है। ऐसे में आप घर पर ही तैयार नेचुरल खाद की मदद से सूख रहे तुलसी के पौधे का बरगद जैसा हरा-भरा कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे तैयार करें ये नेचुरल खाद-
तुलसी के पौधे के लिए नेचुरल खाद: तुलसी के पौधे को हरा-भरा और बरगद जैसा घना बनाने के लिए आपको घर में ही मौजूद कुछ चीजों से खाद तैयार कर सकते हैं। इसके लिए एक मग में एक बड़ा चम्मच हल्दी पाउडर लें। फिर इसमें धुली हुई 3 चम्‍मच चायपत्‍ती या 1 ताजा चायपत्‍ती डालकर मिस्क करें। अब इसमें 2 चम्‍मच सूखे केले के छिलकों का पाउडर डालें और अच्छे से मिलाएं। तुलसी के पौधे के लिए नेचुरल फर्टिलाइजर तैयार है।
कैसे करें इस्‍तेमाल: खाद तो तैयार कर ली, लेकिन इसका पूरा असर तभी नजर आएगा, जब सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इस खाद का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले मिट्टी की गुड़ाई करें। ध्यान रखें कि ऐसा करने में मिट्टी गीली न हों। इसके बाद तैयार खाद को मिट्टी में मिलाएं और जरूरत के मुताबिक पानी डालें। बेहतर नतीजों के लिए हर हर 15 दिन में एक बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
नेचुरल खाद के फायदे: इसमें मौजूद हल्दी में एंटीफंगल और एंटीसेप्‍टिक गुण होते हैं, जो मिट्टी में फंगस लगने और पौधे को कीड़ों से बचाते हैं। चाय की पत्ती मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन बढ़ाने का काम आसानी से करती है, जिससे पौधों फायदा मिलता है। वहीं, केले के छिलकों में मौजूद पोटैशियम भी पौधे को फायदा पहुंचाता है।
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