Lifestyle, लाइफस्टाइल : त्वचा की झुर्रियां, रूखापन और ढीलापन आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ दिखाई देते हैं। लेकिन आजकल कई लोग इन्हें उम्र से पहले भी महसूस करने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रीमेच्योर एजिंग के पीछे हमारी ही कुछ रोज़मर्रा की आदतें जिम्मेदार होती हैं। इन आदतों को सुधारकर त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे बड़ी वजह है सूर्य के हानिकारक किरणों का असर। बिना सनस्क्रीन के धूप में निकलना त्वचा को जल्दी बुढ़ा कर देता है। UVA और UVB किरणें कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे त्वचा ढीली और झुर्रियों वाली हो जाती है।
अनियमित जीवनशैली और नींद की कमी भी त्वचा पर असर डालती है। देर रात तक जागना, नींद पूरी न होना और तनाव में रहना त्वचा की मरम्मत प्रक्रिया को बाधित करता है। इस वजह से त्वचा निखरती नहीं और जल्दी बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं।
खराब खान-पान भी मुख्य कारण है। जंक फूड, अधिक तला-भुना भोजन और शुगर युक्त चीजें त्वचा के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। इनमें मौजूद पदार्थ त्वचा की लोच घटाते हैं और झुर्रियों को बढ़ावा देते हैं। इसके बजाय ताजे फल, सब्जियां और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें खाना फायदेमंद होता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन भी त्वचा के लिए हानिकारक है। सिगरेट में मौजूद निकोटिन और शराब की मात्रा त्वचा की नमी कम कर देती है और झुर्रियों को बढ़ावा देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये आदतें लगातार बनी रहें, तो त्वचा जल्दी ही बुढ़ा नजर आने लगती है।