जनता से रिश्ता वेबडेस्क| गेंदे के फूलों (Marigold Flower) को अबतक हमने अपने गमले या क्‍यारियों में देखा है लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि इसकी चाय भी बनाई जा सकती है? जी हां, इसकी पंखुड़ियों का उपयोग अबतक फेस पैक और हेयर मास्क आदि के लिए भी किया जाता है लेकिन आप सेहत से जुड़ी कई समस्‍याओं का इलाज इससे बनी चाय (Tea) से कर सकते हैं. इसके फूलों से तैयार की गई इस चाय के सेवन के कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ हैं. इसमें स्किन हीलिंग, एंटी इफ्लामेशन, एंटी सेप्टिक और एंटी ऑ‍क्‍सीडेंट गुण होते हैं जो इसे गुणकारी बनाते हैं. तो आइए जानते हैं कि गेंदे के फूल से बनी चाय के क्‍या क्‍या फायदे हैं.

1.स्किन को करता है तेजी से हील
गेंदे के फूल से बनी चाय स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा सम्बन्धी कई समस्‍याएं दूर हो जाती हैं. यह स्किन को तेजी से हील होता है और किसी भी तरह के पिंपल, एक्‍ने आदि से छुटकारा दिलाता है. अगर स्किन जल गई है या घाव आदि हो गया है तो इस चाय के सेवन से स्किन सेल्‍स तेजी से हील होने लगता है. इसके सेवन से एसपीएफ़ से होने वाले नुकसान को भी ठीक किया जा सकता है. यह स्किन को एजिंग से बचाता है और स्किन रैश का इलाज करता है.
2.एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर
गेंदे के फूल में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट गुण स्‍ट्रेस के असर को कम करता है. यह ट्यूमर, सूजन, मोटापा, चयापचय सिंड्रोम और टाइप 2 मधुमेह आदि को भी नियंत्रित करता है. इसमें मौजूद यौगिक तत्‍व विटामिन ए एंटीऑक्‍सीडेंट को बढ़ाते हैं और चाय को हेल्‍दी बनाते हैं.
3.दांतों दर्द को करे कम
दांत दर्द की समस्या होने पर गेंदे के फूल की चाय को हल्का ठंडा करें और इससे कुल्ला करें. मुंह में थोड़ी देर तक चाय रखें और थोड़ी देर बाद इसे मुंह से बाहर थूक दें. इससे दांत दर्द से राहत मिलेगी और दांतों के इन्फेक्शन से छुटकारा मिलेगा.
4.माउथ अल्‍सर और गले में दर्द से छुटकारा
एंटी सेप्टिक गुण होने के कारण इस चाय के सेवन से माउथ अल्‍सर और गले के दर्द में आराम मिलता है.
इस तरह बनाएं गेंदे के फूल की चाय
इसे बनाने के लिए हमें 4 से 5 गेंदे के फूल, दो ग्‍लास पानी और शहद चाहिए. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी डालें और गैस में उबलने के लिए रखें. इस पानी में गेंदे के फूलों की पंखुड़ियां अलग करके डालें. पानी को अच्छी तरह से उबलने दें और कम से कम 5 मिनट तक इसे ढककर धीमी गैस पर उबलने दें. अब जब पानी अच्छी तरह उबल जाए तो गेंदे की पंखुड़ियों का रंग पानी में दिखने लगेगा. इसे तब तक उबालें जब तक कि पानी आधा न रह जाए. गैस बंद कर दें और इसे शहद डालकर सर्व करें.
कब करें सेवन
इस चाय का सेवन दिन में 2 बार करें. आप इसे एक बार सुबह और एक बार रात के खाने के कम से कम 1 घंटे बाद ले सकते हैं. लेकिन अगर आपको पहले से कोई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम है तो एक बार डॉक्‍टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करें.


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