लाइफ स्टाइल : भारतीय यात्रियों का विदेश घूमने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब दिवाली, क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे त्योहारों की छुट्टियों में सिर्फ किसी नए देश जाकर प्रसिद्ध जगहें देखने का चलन नहीं रह गया है। बड़ी संख्या में भारतीय टूरिस्ट अब ऐसी यात्राएं पसंद कर रहे हैं जिनमें स्थानीय संस्कृति, खास खाना, अनोखे होटल, त्योहारों का माहौल, एडवेंचर और परिवार के साथ यादगार अनुभव शामिल हों। हालिया ट्रैवल ट्रेंड रिपोर्ट्स भी बताती हैं कि 2026 में भारतीय यात्रियों के लिए “कहां जाना है” से ज्यादा महत्वपूर्ण “वहां जाकर क्या अनुभव करना है” होता जा रहा है।दिवाली से लेकर साल के आखिर तक का समय भारतीय यात्रियों के लिए बड़े ट्रैवल सीजन में बदल गया है। ट्रैवल कंपनियों के अनुसार लोग त्योहार की छुट्टियों को वीकेंड और अतिरिक्त छुट्टियों के साथ जोड़कर लंबी यात्राएं प्लान कर रहे हैं। होटल बुकिंग में भी परिवार के साथ समय बिताने, स्थानीय व्यंजन चखने और अलग तरह के अनुभव लेने की मांग बढ़ी है।
सिर्फ फोटो नहीं, लोकल एक्सपीरियंस चाहिए
पहले विदेश यात्रा का मतलब लोकप्रिय स्मारक, बाजार और पर्यटन स्थल घूमना माना जाता था। अब यात्रियों की दिलचस्पी स्थानीय जीवन को करीब से समझने में भी बढ़ रही है। लोग स्थानीय फूड मार्केट, छोटे कैफे, पारंपरिक गांव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय त्योहारों को अपने ट्रैवल प्लान में शामिल कर रहे हैं।Skyscanner की 2026 ट्रैवल ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 36 प्रतिशत भारतीय यात्रियों ने स्थानीय सुपरमार्केट और ग्रॉसरी स्टोर एक्सप्लोर करने में रुचि दिखाई। वहीं 31 प्रतिशत यात्री स्थानीय स्किनकेयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदने की योजना बना रहे हैं। यह ट्रेंड बताता है कि यात्रियों के लिए सामान्य दर्शनीय स्थलों से आगे जाकर स्थानीय जीवन को महसूस करना भी यात्रा का हिस्सा बन रहा है।
परिवार के साथ विदेश यात्रा का क्रेज
फेस्टिव सीजन में फैमिली ट्रैवल की मांग भी बढ़ रही है। एक ही यात्रा में माता-पिता, बच्चे और बुजुर्ग सदस्य साथ घूमने का विकल्प चुन रहे हैं। Skyscanner के सर्वे में 41 प्रतिशत भारतीय यात्रियों ने परिवार के साथ, जिसमें मल्टी-जनरेशनल ट्रिप भी शामिल हैं, यात्रा करने की योजना बताई।दिवाली या न्यू ईयर के मौके पर ऐसे ट्रिप परिवारों को रोजमर्रा की व्यस्तता से दूर एक साथ समय बिताने का अवसर देते हैं। इसी वजह से बड़े अपार्टमेंट, विला, फैमिली रिसॉर्ट और ऐसी जगहों की मांग बढ़ रही है जहां एक ही परिसर में कई गतिविधियां उपलब्ध हों।
होटल भी बन रहा यात्रा का अनुभव
अब होटल केवल रात बिताने की जगह नहीं रह गया है। भारतीय यात्री ऐसे होटल और रिसॉर्ट भी तलाश रहे हैं जो स्वयं यात्रा का आकर्षण बन सकें। इनमें समुद्र के किनारे रिजॉर्ट, पहाड़ों में ग्लास हाउस, जंगल लॉज, हेरिटेज होटल और थीम आधारित प्रॉपर्टी शामिल हैं।2026 के ट्रैवल सर्वे में 35 प्रतिशत भारतीय यात्रियों ने कहा कि वे ऐसी जगह रुकना चाहते हैं जहां होटल या आवास खुद यात्रा के अनुभव का हिस्सा हो। इस वजह से लोग केवल सस्ती बुकिंग की जगह लोकेशन, डिजाइन, दृश्य, स्थानीय गतिविधियों और विशेष सुविधाओं पर भी ध्यान दे रहे हैं।
क्रिसमस मार्केट और न्यू ईयर सेलिब्रेशन का आकर्षण
साल के आखिर में यूरोप और एशिया के कई देशों के क्रिसमस मार्केट और न्यू ईयर सेलिब्रेशन भारतीय टूरिस्टों को आकर्षित करते हैं। लोग केवल शहर घूमने के बजाय खास तारीख पर होने वाले कार्यक्रम, लाइट शो, लाइव म्यूजिक, स्थानीय भोजन और सांस्कृतिक आयोजनों को ध्यान में रखकर यात्रा की तारीख तय कर रहे हैं।फेस्टिवल और इवेंट आधारित यात्रा की लोकप्रियता पहले से बढ़ रही है। ट्रैवल इंडस्ट्री के आंकड़ों में भी भारतीय यात्रियों की बड़ी संख्या ने एक्सपीरियंस-लेड और फेस्टिवल आधारित छुट्टियों में रुचि दिखाई है।
एडवेंचर भी बन रहा जरूरी
युवा यात्रियों में विदेश जाकर सिर्फ शहर घूमने के बजाय हाइकिंग, ट्रेकिंग, स्नो एक्टिविटी, स्कूबा डाइविंग और दूसरी एडवेंचर एक्टिविटी करने का ट्रेंड भी बढ़ रहा है। Skyscanner के भारतीय सर्वे में 29 प्रतिशत यात्रियों ने 2026 में हाइकिंग एडवेंचर करने की योजना बताई।इस वजह से जापान, इंडोनेशिया और कई दूसरे एशियाई देशों जैसे गंतव्यों में यात्रियों की दिलचस्पी केवल शॉपिंग या दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रह रही है। Booking.com के 2026 डेटा में भी भारतीय यात्रियों के बीच अनुभव आधारित अंतरराष्ट्रीय यात्रा की बढ़ती दिलचस्पी सामने आई।
कस्टमाइज्ड ट्रिप का बढ़ता चलन
भारतीय यात्री अब पहले से तैयार एक जैसी टूर पैकेज यात्रा के बजाय अपनी पसंद के मुताबिक कार्यक्रम बनवाना चाहते हैं। कौन-सा होटल चाहिए, कहां खाना है, किस दिन कौन-सी गतिविधि करनी है और कितना समय एक जगह बिताना है—इन सभी चीजों को व्यक्तिगत पसंद के अनुसार तय किया जा रहा है।WanderOn के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में कस्टमाइज्ड यात्राओं का हिस्सा 54 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। कंपनी ने 2023 के मुकाबले फेस्टिव बुकिंग में 75 प्रतिशत बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की हिस्सेदारी में भी वृद्धि दर्ज की है।
ज्यादा दिन रुकना भी पसंद कर रहे लोग
दिवाली, क्रिसमस या न्यू ईयर की छुट्टियों के साथ वीकेंड जोड़कर भारतीय यात्री पहले की तुलना में लंबी छुट्टी लेने की कोशिश कर रहे हैं। कई लोग तीन से चार दिन की जगह छह से आठ दिन का ट्रिप प्लान कर रहे हैं।इससे यात्री एक शहर के बजाय आसपास के छोटे शहर और कम चर्चित स्थान भी देख पाते हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री से मिले हालिया संकेतों में भी फेस्टिव सीजन में लंबी यात्रा और अनुभवों पर ज्यादा खर्च करने का रुझान सामने आया है।
बजट भी जरूरी, लेकिन अनुभव पहले
इस बदलते ट्रेंड का अर्थ यह नहीं है कि भारतीय टूरिस्ट बजट की चिंता नहीं कर रहे। बल्कि यात्री अब यह देख रहे हैं कि खर्च किए गए पैसे के बदले उन्हें कितना खास अनुभव मिल रहा है। इसी वजह से लोग फ्लाइट या होटल में थोड़ा बचाकर किसी खास डिनर, क्रूज, एडवेंचर एक्टिविटी या स्थानीय अनुभव पर खर्च करना पसंद कर सकते हैं।कुल मिलाकर विदेशी यात्रा अब केवल पासपोर्ट पर एक और देश की मुहर लगाने का जरिया नहीं रह गई है। दिवाली से क्रिसमस और न्यू ईयर तक भारतीय यात्री ऐसी छुट्टियां चाहते हैं जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जा सके। परिवार के साथ खास समय, स्थानीय खाना, संस्कृति, एडवेंचर, अनोखे होटल और व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से बनी यात्रा—यही 2026 में भारतीय आउटबाउंड ट्रैवल का नया चेहरा बनता दिखाई दे रहा है।
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