लाइफ स्टाइल : हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक डिश सिड्डू अपने स्वाद और खास बनाने के तरीके के लिए काफी मशहूर है। आमतौर पर इसे गेहूं के आटे से तैयार किया जाता है, लेकिन अगर आप इसमें थोड़ा हेल्दी ट्विस्ट देना चाहते हैं तो रागी का इस्तेमाल कर सकते हैं। रागी से बना सिड्डू स्वाद में अलग होने के साथ पोषण से भरपूर भी हो सकता है। नाश्ते, शाम की भूख या सर्दियों के मौसम में गर्मागर्म रागी सिड्डू परिवार के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है।रागी में कैल्शियम, फाइबर और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं सिड्डू को डीप फ्राई करने की बजाय भाप में पकाया जाता है, इसलिए यह दूसरे कई स्नैक्स की तुलना में हल्का विकल्प बन सकता है। इसके अंदर अखरोट, तिल, खसखस या दाल की फिलिंग डालकर स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है।
रागी सिड्डू बनाने के लिए सामग्री
आटा तैयार करने के लिए 1 कप रागी का आटा, 1 कप गेहूं का आटा, आधा छोटा चम्मच इंस्टेंट यीस्ट, आधा छोटा चम्मच चीनी, स्वादानुसार नमक और जरूरत के अनुसार गुनगुना पानी लें।अगर आप चाहें तो रागी और गेहूं के आटे का अनुपात अपनी पसंद के अनुसार बदल सकते हैं। केवल रागी का आटा इस्तेमाल करने पर आटा बांधने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है, इसलिए गेहूं का आटा मिलाने से सिड्डू को आकार देना आसान रहता है।फिलिंग के लिए आधा कप अखरोट, 2 बड़े चम्मच तिल, 1 बड़ा चम्मच खसखस, 1 से 2 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, आधा छोटा चम्मच जीरा, स्वादानुसार नमक और थोड़ा घी लिया जा सकता है।
सबसे पहले तैयार करें आटा
एक छोटे बर्तन में गुनगुना पानी लें। इसमें चीनी और यीस्ट मिलाकर करीब 5 से 10 मिनट के लिए रख दें। अगर यीस्ट सक्रिय है तो पानी के ऊपर हल्का झाग दिखाई देने लगेगा।अब एक बड़े बर्तन में रागी का आटा और गेहूं का आटा डालें। इसमें नमक मिलाएं और यीस्ट वाला पानी थोड़ा-थोड़ा डालकर नरम आटा गूंद लें।आटा न बहुत सख्त होना चाहिए और न ही बहुत चिपचिपा। जरूरत पड़ने पर थोड़ा अतिरिक्त गुनगुना पानी डाल सकते हैं। आटा तैयार होने के बाद उसके ऊपर हल्का सा तेल या घी लगाकर ढक दें।इसे लगभग 1 से 2 घंटे किसी गर्म जगह पर रखें। इस दौरान यीस्ट की वजह से आटा थोड़ा फूल जाएगा और सिड्डू को मुलायम बनाने में मदद मिलेगी।
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट फिलिंग
अखरोट को हल्का सा भूनकर मोटा पीस लें। तिल और खसखस को भी धीमी आंच पर थोड़ी देर भून सकते हैं। अब इन्हें एक बाउल में डालें।इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा और नमक डालें। चाहें तो एक छोटा चम्मच घी भी मिला सकते हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर फिलिंग तैयार कर लें।अगर अखरोट पसंद नहीं है तो उड़द दाल की फिलिंग भी बनाई जा सकती है। इसके लिए भीगी हुई उड़द दाल को हल्का पीसकर उसमें मसाले मिलाए जा सकते हैं।
अब दें सिड्डू को आकार
आटा फूलने के बाद उसे एक बार हल्के हाथ से गूंद लें। अब इसकी मध्यम आकार की लोइयां बना लें।एक लोई को हाथ या बेलन की मदद से थोड़ा मोटा बेलें। इसके बीच में एक से दो चम्मच तैयार फिलिंग रखें। किनारों को ऊपर लाकर अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि फिलिंग बाहर न निकले।अब इसे हल्के हाथ से लंबा या गोल आकार दें। सभी सिड्डू इसी तरह तैयार कर लें।
भाप में पकाएं
सिड्डू को पकाने का सबसे पारंपरिक तरीका स्टीमिंग है। इसके लिए स्टीमर या इडली कुकर में पानी गर्म करें। स्टीमिंग प्लेट पर थोड़ा तेल लगाएं ताकि सिड्डू चिपके नहीं।तैयार सिड्डू प्लेट पर रखें और ढक्कन लगाकर करीब 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाएं। सिड्डू का आकार बड़ा है तो थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।सिड्डू पक गया है या नहीं, यह देखने के लिए टूथपिक या चाकू डालकर चेक कर सकते हैं। अगर वह साफ बाहर आए तो सिड्डू तैयार है।
घी के साथ करें सर्व
गर्मागर्म रागी सिड्डू को ऊपर से थोड़ा देसी घी डालकर सर्व करें। पारंपरिक तरीके से इसे घी, दाल, अखरोट की चटनी या हरी चटनी के साथ खाया जा सकता है।अगर आपको मसालेदार स्वाद पसंद है तो धनिया-पुदीना चटनी के साथ भी यह काफी अच्छा लगता है। बच्चों के लिए बनाते समय हरी मिर्च कम रख सकते हैं।
क्यों खास है रागी वाला सिड्डू?
रागी को पोषक अनाज माना जाता है। इसमें कैल्शियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ गेहूं और अखरोट जैसी चीजें मिलाने से सिड्डू स्वादिष्ट होने के साथ काफी भरपेट भी हो जाता है।भाप में पकाए जाने के कारण इसमें ज्यादा तेल की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि इसे तले हुए स्नैक्स के विकल्प के रूप में भी लिया जा सकता है।हालांकि रागी सिड्डू को किसी बीमारी के इलाज या वजन कम करने का निश्चित उपाय नहीं मानना चाहिए। इसका फायदा इस बात पर भी निर्भर करता है कि पूरी डाइट कैसी है और इसे कितनी मात्रा में खाया जा रहा है।
बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
रागी का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है, इसलिए अकेले रागी से सिड्डू बनाते समय आटा टूट सकता है। इसमें गेहूं का आटा मिलाने से इसे बांधना आसान हो जाता है।यीस्ट डालने के बाद आटे को पर्याप्त समय दें। जल्दबाजी में स्टीम करने पर सिड्डू अंदर से भारी रह सकता है। साथ ही स्टीमर में पर्याप्त पानी होना चाहिए, लेकिन पानी सिड्डू को सीधे छूना नहीं चाहिए।अगर इस बार हिमाचली सिड्डू को कुछ अलग अंदाज में बनाना चाहते हैं तो रागी वाला यह वर्जन जरूर ट्राई कर सकते हैं। पारंपरिक स्वाद, अखरोट की भरावन और रागी का हेल्दी ट्विस्ट मिलकर इसे नाश्ते या शाम के स्नैक के लिए स्वादिष्ट विकल्प बना देते हैं।