Skin Care: मानसून का मौसम जहां सुकून लेकर आता है, वहीं त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी। उमस भरी गर्मी, पसीना और गंदगी मिलकर स्किन को चिपचिपा और बेजान बना देते हैं। ऐसे में बाजार के प्रोडक्ट्स अक्सर स्किन को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन चिंता की बात नहीं! आपकी दादी मां के खजाने में मौजूद कुछ पुराने और असरदार नुस्खे इस मौसम में आपकी त्वचा की चमक को बनाए रखने में बेहद मददगार साबित हो सकते हैं। ये नुस्खे न सिर्फ नेचुरल हैं बल्कि स्किन को अंदर से हेल्दी बनाते हैं।
खीरे का रस – स्किन का बेस्ट कूलिंग एजेंट:
मानसून की उमस में खीरे का रस एक बेहतरीन उपाय है। ये त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ पोर्स को टाइट करता है और एक्स्ट्रा ऑयल को हटाता है। दादी मां हमेशा खीरे को पीसकर चेहरे पर लगाने की सलाह देती थीं।
मुल्तानी मिट्टी – ऑयली स्किन की दोस्त:
मुल्तानी मिट्टी नमी को सोखने और ऑयल को बैलेंस करने में बेहद कारगर है। इसमें गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं। हफ्ते में 2 बार लगाने से स्किन ऑयल फ्री और ग्लोइंग बनती है।
हल्दी और शहद – नेचुरल ग्लो का राज़:
हल्दी एंटीसेप्टिक होती है और शहद स्किन को मॉइश्चराइज करता है। दोनों को मिलाकर बनाए गए फेसपैक से चेहरा निखर उठता है। दादी मां इसे ‘सुंदरता का सोना’ कहती थीं।
टमाटर का रस – स्किन टोनर की तरह करें इस्तेमाल:
टमाटर का रस त्वचा से टैनिंग हटाता है और रंगत निखारता है। मानसून में जब धूप-बारिश का असर स्किन पर दिखने लगे, तब यह नुस्खा तुरंत राहत देता है।
बेसन और दही से करें डीप क्लींजिंग:
मानसून में त्वचा पर धूल-मिट्टी और ऑयल जमा हो जाते हैं। दादी मां का पुराना नुस्खा है – एक चम्मच बेसन में आधा चम्मच दही मिलाकर फेस पैक बनाएं। इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने पर हल्के हाथों से रगड़कर धो लें। इससे त्वचा साफ़, नर्म और दमकती नज़र आती है।
नीम की पत्तियों से मुंहासों पर करें वार:
मानसून में पिंपल्स और फंगल इन्फेक्शन की समस्या आम है। नीम की कुछ पत्तियों को पानी में उबालकर उसका पेस्ट बना लें और चेहरे पर लगाएं। इससे बैक्टीरिया खत्म होते हैं और स्किन संक्रमण मुक्त रहती है।
गुलाब जल और चंदन से पाएं इंस्टेंट फ्रेशनस:
चेहरे की थकान दूर करने के लिए गुलाब जल और चंदन का मिश्रण कमाल करता है। दादी मां का ये नुस्खा स्किन को ठंडक देता है और ताजगी का एहसास कराता है। इसे दिन में एक बार जरूर लगाएं।