Lifestyle लाइफ स्टाइल :'नेशनल डॉक्टर्स डे' के अवसर पर नई दिल्ली में इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में देश के कई वरिष्ठ डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि रोजमर्रा की आदतों में कुछ जरूरी बदलाव किए जाएं, तो कई गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मोटापे जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए इलाज से ज्यादा जरूरी समय रहते रोकथाम पर ध्यान देना है।
डॉक्टरों के अनुसार, संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वस्थ जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव है। रोजाना ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए। वहीं, ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक और चीनी वाली चीजों का सेवन सीमित रखना चाहिए।
विशेषज्ञों ने नियमित व्यायाम को भी बेहद जरूरी बताया। उनका कहना है कि हर व्यक्ति को रोज कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलना, योग, साइकिल चलाना या कोई अन्य शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। इससे शरीर सक्रिय रहता है और कई बीमारियों का जोखिम कम होता है।
कार्यक्रम में पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया। डॉक्टरों ने सलाह दी कि वयस्कों को प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए। साथ ही तनाव को नियंत्रित रखने के लिए ध्यान, योग, संगीत, परिवार के साथ समय बिताने और सकारात्मक सोच जैसी आदतों को अपनाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है। कई गंभीर बीमारियां शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती हैं। समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य आवश्यक जांच कराने से बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।
डॉक्टरों ने तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाने तथा शराब का सेवन सीमित या पूरी तरह छोड़ने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि वे बीमारी होने का इंतजार करने के बजाय अपनी दैनिक आदतों में सुधार करें। सही खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जैसे सरल उपाय लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।