जानिए मूंगफली यूरिक एसिड में खाना चाहिए या नहीं
शरीर में यूरिक एसिड लेवल का कम या ज्यादा होना बहुत सी शारीरिक स्थितियों का कारण बन सकता है. यह तभी संभव है जब यूरिन से ज्यादा यूरिक एसिड या कम यूरिक एसिड पास हो
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। शरीर में यूरिक एसिड लेवल का कम या ज्यादा होना बहुत सी शारीरिक स्थितियों का कारण बन सकता है. यह तभी संभव है जब यूरिन से ज्यादा यूरिक एसिड या कम यूरिक एसिड पास हो. आपके लिए पहले यह जानना जरूरी है कि यूरिक एसिड बनता कैसे है? दरअसल प्यूरिन नामक एक केमिकल सब्सटेंस, बॉडी में और कुछ फूड में कुदरती रूप से होता है. मेडिकल न्यूज़ टुडे के मुताबिक जब इस प्यूरिन का ब्रेकडाउन होता है तो यूरिक एसिड बनता है. जो शरीर से वेस्ट के रूप में बाहर निकलता है, जिसे किडनी फिल्टर करती हैं. जब यह शरीर के जोड़ों और टिशूज में बनने लगता है तो बहुत सी हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बनता है. हालांकि ब्लड में थोड़ा यूरिक एसिड होना नॉर्मल है. संक्षेप में कहें तो ज्यादा प्यूरिन युक्त खाद्यों का सेवन यूरिक एसिड का कारण हो सकता है.
मूंगफली और प्यूरिन
यूरिक एसिड बढ़ने की एक वजह हाई प्यूरिन डाइट है. इसलिए उन खाद्य का सेवन करना चाहिए जिनमें प्यूरिन की मात्रा कम हो. अब बात करते हैं यूरिक एसिड बढ़ने या घटने पर मूंगफली खाना सही है या गलत तो लिवस्ट्रांग डॉट कॉम के मुताबिक मूंगफली में प्यूरिन की मात्रा प्रति सर्विंग में 50 ग्राम से भी कम होती है. इसलिए मूंगफली को यूरिक एसिड के बढ़ने की स्थिति में खाया जा सकता है. ऐसा माना जाता है कि अगर मूंगफली जैसे नट्स को डाइट में एड करते हैं तो इससे यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता नहीं है.
लेकिन नट्स में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है और अगर इनका एक समय पर ज्यादा सेवन किया जाता है तो वजन बढ़ने का खतरा रहता है. वजन बढ़ने से भी बहुत सी लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियां हो सकती हैं जैसे-डायबिटीज और हाई बीपी आदि. इसलिए मूंगफली को रोजाना स्नैक्स के रूप में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही खायें.
कुछ जरूरी बातें
इसके साथ अन्य नट्स को एड न करें या फिर अगर किसी नट्स को डाइट में शामिल कर रहे हैं तो साथ में मूंगफली का सेवन न करें. अन्य चीजों जैसे सी फूड और ऑर्गन मीट जैसी चीजों में प्यूरिन ज्यादा होता है इसलिए यूरिक एसिड के मरीज इन चीजों का सेवन करने से भी बचें.