जनता से रिश्ता वेबडेस्क।      डायबिटीज के मरीजों के लिए जितना खतरनाक ब्‍लड शुगर लेवल का बढ़ना है,उतनी ही नुकसानदायक उसका कम होना है. डायबिटीज पेशेंट्स में लो ब्‍लड शुगर यानी हाइपोग्‍लाइसीमिया की समस्‍या तब आती है,जब शरीर में एनर्जी के रूप में उपयोग करने के लिए पर्याप्‍त शुगर ही नहीं होती. ऐसा कई कारणों से हो सकता है जैसे- अधिक एक्‍सरसाइज, डाइट या दवाईयों का सेवन. ग्‍लूकोज की कमी होने पर ऑर्गन सही ढंग से फंक्‍शन नहीं कर पाते हैं. ब्‍लड शुगर लेवल कम होने से घबराहट,चक्‍कर आना,सिरदर्द और नींद न आने जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं. कुछ मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि हार्ट फेलियर का कारण भी बन जाती है. चलिए जानते हैं लो शुगर लेवल को बैलेंस करने के लिए क्‍या करना चाहिए.

जूस का करें सेवन
वेबएमडी के अनुसार लो शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए जूस का सेवन किया जा सकता है. संतरा, सेब, पाइनएप्‍पल और क्रैनबेरी का जूस पीने से बॉडी में तुरंत शुगर लेवल को बढ़ाया जा सकता है. डायबिटीज में बहुत ज्‍यादा मात्रा में जूस का सेवन करने से बचना चाहिए. शुगर लेवल पर हमेशा नजर रखें और नियमित रूप से इसकी जांच करते रहें.
फल और मेवे
ब्‍लड शुगर लेवल में अचानक गिरावट से बचने के लिए ताजे फल और सूखे मेवों का सेवन किया जा सकता है. केले, अंगूर, सेब और संतरा जैसे फलों को लो शुगर वाले पेशेंट्स खा सकते हैं. नियमित रूप से किशमिश खाने से ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है.
लो फैट दूध
लो ब्‍लड शुगर होने पर एक कप गर्म लो फैट दूध तुरंत आराम दे सकता है. दूध में विटामिन डी और कार्बोहाडट्रेड होते हैं,जो ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.
ग्‍लूकोज की गोली
ब्‍लड शुगर लेवल कम होने पर ग्‍लूकोज की गोलियां खाई जा सकती हैं. लेकिन इनकी मात्रा का ध्‍यान रखना जरूरी है. ब्‍लड शुगर लेवल को बैलेंस करने के लिए 15 से 20 ग्राम ग्‍लूकोज गोलियां पर्याप्‍त होती हैं. ग्‍लूकोज गोलियां खाने के बाद थोड़ा इंतजार करें और फिर शुगर लेवल को चैक कर सकते हैं.
कैंडी
कार्बोहाइड्रेट से भरपूर गमी कैंडीज भी ब्‍लड शुगर के लेवल को प्रभावित करती हैं. गमी कैंडीज ब्‍लड में तेजी से एब्‍जॉर्ब हो जाती हैं और ब्‍लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद करती हैं. कैंडीज खाने के 15 मिनट बाद ब्‍लड शुगर लेवल को चेक करना चाहिए.
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