शहद का उचित मात्रा में उपयोग करने से शरीर स्वस्थ, सुंदर व स्फूर्तिवान बनता है।
शहद को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं।
शहद का पीएच मान 3 से 4.8 के बीच होने से जीवाणुरोधी गुण स्वतः ही पाया जाता है।
गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों द्वारा शहद का सेवन करने से पैदा होने वाली संतान स्वस्थ एवं मानसिक दृष्टि से अन्य शिशुओं से श्रेष्ठ होती है।
त्वचा पर निखार लाने के लिए गुलाब जल, नींबू और शहद मिलाकर लगाना चाहिए।
गाजर के रस में शहद मिलाकर लेने से नेत्र-ज्योति में सुधार होता है।
उच्च रक्तचाप में लहसुन और शहद लेने से रक्तचाप सामान्य होता है।
त्वचा के जलने, कटने या छिलने पर भी शहद लगाने से लाभ मिलता है।
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