Lifestyle लाइफ स्टाइल : गर्मी के मौसम में घरों में छिपकलियों का दिखना आम बात है। दीवारों, छत और रसोई जैसे स्थानों पर ये अक्सर घूमती नजर आती हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में डर भी बना रहता है, खासकर तब जब किसी को छिपकली काट ले। हालांकि छिपकली का काटना बहुत कम मामलों में गंभीर होता है, फिर भी सही समय पर प्राथमिक उपचार और सावधानी बेहद जरूरी मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को छिपकली काट ले तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं होती। अधिकतर घरेलू छिपकलियां जहरीली नहीं होतीं, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए तुरंत साफ-सफाई करना जरूरी होता है। सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के बैक्टीरिया या गंदगी को हटाया जा सके।
इसके बाद उस जगह पर एंटीसेप्टिक लोशन या आयोडीन लगाना उचित माना जाता है। अगर घाव में सूजन, लालिमा या दर्द बढ़ने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाएं भी दे सकते हैं ताकि संक्रमण को रोका जा सके।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि छिपकली के काटने के बाद घरेलू उपायों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए। कई लोग घाव पर मिट्टी, हल्दी या अन्य पारंपरिक चीजें लगाते हैं, लेकिन यह संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए साफ-सफाई और मेडिकल उपचार को प्राथमिकता देना जरूरी है।
अगर छिपकली किसी बच्चे को काट ले तो स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।
गर्मी के मौसम में छिपकलियों की संख्या बढ़ने का कारण तापमान और भोजन की उपलब्धता होती है। ये अक्सर छोटे कीड़े-मकोड़े खाने के लिए घरों में आ जाती हैं। ऐसे में घर को साफ-सुथरा रखना बहुत जरूरी है। रसोई में खाने-पीने की चीजें खुली न छोड़ें और कचरे को समय पर बाहर निकालें।
छिपकलियों से बचाव के लिए लोग नींबू, लहसुन और नेफ्थलीन बॉल्स का भी उपयोग करते हैं। हालांकि ये उपाय छिपकलियों को पूरी तरह खत्म नहीं करते, लेकिन इन्हें दूर रखने में मदद कर सकते हैं।