जनता से रिश्ता वेबडेस्क | आप सभी में से कई लोग ऐसे होंगे जिनकी नींद अचानक रात में 2 बजे या 3 बजे खुल जाती होगी। हालांकि अगर हर दिन रात को किसी एक निश्चित समय पर नींद खुल जाती है, तो यह लिवर डिजीज का संकेत हो सकता है। सुनकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच है। अब हम आपको बताएंगे कि कैसे नींद आपकी लिवर हेल्थ को लेकर सिग्नल दे सकती है।

नई स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा- एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अगर आपकी नींद रात के 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच खुल जाती है, तो यह लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है। जी हाँ और इसका मतलब यह हो सकता है कि आप लिवर इंफ्लेमेशन या फैटी लिवर डिजीज से जूझ रहे हों।

इसे आमतौर पर नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) भी कहा जाता है। आपको बता दें कि यह एक ऐसी डिजीज होती है, जिसमें लिवर के अंदर फैटी सेल्स जमा हो जाती हैं और लिवर की फंक्शनिंग बुरी तरह प्रभावित होती है। केवल यही नहीं बल्कि इससे शरीर में टॉक्सिक वेस्ट जमा हो जाता है। आपको बता दें कि शुरुआत में इस बीमारी के लक्षण नजर नहीं आते। ऐसे में नींद का टूटना आपके लिए अलार्म हो सकता है कि आप इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।

लिवर डिजीज से कैसे टूट सकती है नींद?- जर्नल ऑफ नेचर एंड साइंस ऑफ स्लीप के अनुसार नींद में बार-बार खलल लिवर प्रॉब्लम का संकेत होता है। कंसास सिटी के इंटीग्रेटिव एंड फंक्शनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और कायरोप्रैक्टर डॉ। ब्रायन लून कहते हैं कि, ‘रात को 1 बजे से सुबह 4 बजे के बीच जागने का सबसे आम कारण लिवर की समस्या है।’

इसी के साथ- ‘रात के 1 से सुबह 3 बजे के बीच लिवर हमारे शरीर को साफ करने और डिटॉक्सिफाई करने के लिए सबसे ज्यादा काम करता है।’ वहीं अगर आपका लिवर फैटी और स्लो है, तो उसे बॉडी को डिटॉक्सिफाई व क्लीन करने के लिए ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। ऐसे में आपका नर्वस सिस्टम आपको जगाने के लिए ट्रिगर करता है और आपकी नींद खुल जाती है। लिवर हेल्दी है, तो इस प्रक्रिया के दौरान नींद नहीं खुलती।

किन लोगों को लिवर डिजीज का ज्यादा खतरा?-

– जिनका वजन ज्यादा है या जो मोटापे से जूझ रहे हैं।

– जिन लोगों को प्री-डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज है।

– जिन लोगों का फैट और ट्राइग्लिसराइड लेवल ज्यादा है।

– हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को भी ज्यादा खतरा होता है।

– थाइराइड की समस्या भी इस डिजीज की वजह बन सकती है।

कैसे करें इस बीमारी से बचाव?

-फलों, सब्जियों, साबुत अनाज वाली डाइट लें।

– प्लांट बेस्ड फूड्स को ज्यादा से ज्यादा खाएं।

– अपने वजन को कंट्रोल रखें और एक्सरसाइज करें।

– हर दिन फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें।

– समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं।

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