लाइफ स्टाइल : सितंबर का महीना घूमने के शौकीनों के लिए खास माना जाता है। देश के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ने लगता है और बारिश से धुली वादियां हरियाली से भर जाती हैं। गर्मी का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है, जबकि सर्दी अभी शुरू नहीं होती। ऐसे मौसम में प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को देखने की योजना बनाई जा सकती है।
हालांकि सितंबर में कुछ राज्यों में बारिश जारी रह सकती है। खासकर हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और मौसम अचानक बदलने का खतरा रहता है। इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले मौसम पूर्वानुमान, स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और सड़क की स्थिति जरूर जांच लें।
कल्पा में देखें किन्नौर कैलाश का नजारा
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित कल्पा शांत वातावरण पसंद करने वाले यात्रियों के लिए खूबसूरत विकल्प है। यह छोटा पहाड़ी क्षेत्र सेब के बगीचों, देवदार के जंगलों, पारंपरिक मंदिरों और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों के लिए जाना जाता है।
सितंबर में बारिश के बाद यहां की हरियाली और पर्वतीय दृश्य काफी आकर्षक दिखाई देते हैं। साफ मौसम में किन्नौर कैलाश पर्वत शृंखला का शानदार नजारा देखा जा सकता है। यहां नारायण नागिनी मंदिर, हु-बू-लान-कर मठ और आसपास के गांवों की यात्रा की जा सकती है। पहाड़ी रास्तों पर निकलने से पहले मौसम और राजमार्ग की स्थिति जांचना जरूरी है।
 पुरी में आध्यात्म और समुद्र का संगम
ओडिशा का पुरी उन यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प है, जो धार्मिक यात्रा के साथ समुद्र तट का आनंद लेना चाहते हैं। यहां प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद पुरी बीच, चंद्रभागा समुद्र तट और कोणार्क के सूर्य मंदिर को यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।
के मुताबिक श्री जगन्नाथ मंदिर सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहता है। समय विशेष अवसरों और अनुष्ठानों के कारण बदल सकता है। पुरी में सितंबर के दौरान उमस और बारिश संभव है, इसलिए हल्के कपड़ों, छाते और वाटरप्रूफ बैग के साथ जाना बेहतर होगा। समुद्र में उतरने से पहले स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
खजुराहो में देखें प्राचीन मंदिरों की कला
इतिहास, वास्तुकला और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों के लिए मध्य प्रदेश का खजुराहो शानदार गंतव्य है। यहां चंदेल राजाओं द्वारा निर्मित हिंदू और जैन मंदिर अपनी बारीक नक्काशी तथा स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध हैं।
के अनुसार खजुराहो में कभी करीब 85 मंदिर थे, जिनमें अब लगभग 25 मंदिर सुरक्षित हैं। ये मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। कंदरिया महादेव, लक्ष्मण, विश्वनाथ और मतंगेश्वर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। मानसून के बाद हरियाली मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ा देती है, लेकिन बारिश से भ्रमण प्रभावित हो सकता है।
उदयपुर में झीलों और महलों की सैर
राजस्थान का उदयपुर झीलों, महलों और राजस्थानी संस्कृति के लिए जाना जाता है। सितंबर में यहां मानसून का अंतिम दौर रहता है और अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित झीलें आकर्षक दिखाई देती हैं। भीड़ भी सर्दियों के पीक सीजन की तुलना में अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतेहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी, जगमंदिर, मोती मगरी और सज्जनगढ़ पैलेस प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। भी जुलाई से सितंबर को कम भीड़ में उदयपुर की मानसूनी सुंदरता देखने के लिए अच्छा समय बताता है। पिछोला झील में सूर्यास्त के समय नौका विहार खास अनुभव हो सकता है।
धर्मशाला और मैकलोडगंज की वादियां
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और मैकलोडगंज तिब्बती संस्कृति, मठों और धौलाधार पर्वत शृंखला के लिए प्रसिद्ध हैं। सितंबर में यहां भागसू झरना, नामग्याल मठ, दलाई लामा मंदिर परिसर, नड्डी और कांगड़ा किला देखा जा सकता है।
ट्रैकिंग की योजना बना रहे यात्रियों को मौसम साफ होने और स्थानीय अनुमति की जानकारी लेने के बाद ही निकलना चाहिए। फिसलन वाले रास्तों पर सही जूते पहनें और रात के समय अनजान पहाड़ी मार्गों पर जाने से बचें।
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