डॉक्टरों ने बताया जानलेवा: सिर दर्द होने पर हल्के में ना लें, नजरअंदाज करना आपको पड़ सकता है भारी

Update: 2021-03-15 11:33 GMT

सिरदर्द एक बहुत आम समस्या है जिससे अक्सर ही लोग परेशान रहते हैं. ज्यादातर मामलों में सिर दर्द अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन गंभीर मामलों में आपको डॉक्टर के पास भी जाना पड़ जा सकता है. आइए जानते हैं सिर दर्द कितने तरह के होते हैं, सिर दर्द की समस्या कब गंभीर हो सकती है और किन लक्षणों को नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है. माइग्रेन या क्लस्टर हेडेक- परेशान या तनाव में होने पर पूरे सिर में दर्द होता है जबकि माइग्रेन में सिर में एक तरफ तेज दर्द होता है. इसके अलावा, माइग्रेन के सिर दर्द में उल्टी या मिचली भी महसूस हो सकती है. अगर आपकी नींद सिर दर्द से खुल जाती है तो आपको क्लस्टर हेडेक हो सकता है. माइग्रेन की तरह ये भी सिर में एक तरफ होता है. क्लस्टर हेडेक 20 से 50 साल के उम्र के लोगों में आम है. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, स्लीप एपनिया और ब्रेन ट्यूमर की वजह से भी सिर दर्द हो सकता है.

बुखार या गर्दन में अकड़न के साथ सिरदर्द- बुखार या गर्दन में अकड़न के साथ सिर दर्द होना इंसेफेलाइटिस या मेनिन्जाइटिस का संकेत भी हो सकता है. इंसेफेलाइटिस में दिमाग में जबकि मेनिन्जाइटिस में मेंब्रेन में सूजन आ जाती है. गंभीर इंफेक्शन में इस तरह का सिर दर्द जानलेवा हो सकता है. कमजोर इम्यून सिस्टम या फिर डायबिटीज जैसी बीमारी में भी ये खतरनाक हो सकता है. एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इसका तुरंत इलाज किया जा सकता है.

थंडरक्लैप सिरदर्द- थंडरक्लैप सिरदर्द बहुत तेज और अचानक होता है. ये 60 सेकेंड या उससे भी कम समय में शुरू होता है और बहुत तेज होता है. धमनियों के टूट जाने, स्ट्रोक या फिर किसी चोट की वजह से दिमाग में खून बहने लगता है और थंडरक्लैप सिरदर्द होने लगता है. इस तरह का दर्द सिर में कहीं भी हो सकता है और गर्दन से लेकर पीठ में नीचे की तरफ बढ़ सकता है. ये दर्द एक घंटे या उससे ज्यादा देर तक भी रह सकता है और इसकी वजह से चक्कर आना, मिचली और बेहोशी जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं. हाइपरटेंशन की वजह से इस तरह का दर्द ज्यादा होता है.

चोट लगने के बाद सिर दर्द- सिर पर चोट लगने के बाद होने वाले दर्द में डॉक्टर को तुरंत दिखाने की जरूरत होती है. चोट लगने के बाद होने वाला दर्द लगातार बढ़ता जाता है और इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. सिर के बल गिरने से लगने वाली हल्की चोट में भी ब्रेन में ब्लीडिंग होने लगती है और ये जानलेवा हो सकती है.

आंखों की वजह से होने वाला सिर दर्द- कभी-कभी आंखों की वजह से भी सिर दर्द की समस्या हो सकती है. अगर आपको अक्सर ही माइग्रेन की शिकायत रहती है तो आपके आंखों की रोशनी भी कमजोर हो सकती है. अगर आपको तेज सिर दर्द के साथ आंखों के धुंधलापन की भी शिकायत है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. ये आंखों की रेटिना में दिक्कत का कारण हो सकता है. सिर दर्द के असामान्य कारण- इन लक्षणों के अलावा भी सिर दर्द के कई और कारण हो सकते हैं. जैसे कि किसी जगह का बदलाव, व्यक्तित्व में बदलाव, 50 की बाद होने वाले कुछ शारीरिक बदलाव या फिर कमजोरी. मेनोपॉज से गुजरने वाली महिलाएं एक नए तरह के सिर दर्द का अनुभव कर सकती हैं.

सिर दर्द का संकेत- कभी-कभी आपका सिर दर्द एक संकेत देने का भी काम करता है. जैसे कि जिन लोगों को बहुत कॉफी पीने की आदत होती है, उन्हें कैफीन ना मिलने से सिर दर्द होने लगता है. इसके अलावा डिहाइड्रेशन या फिर बहुत ज्यादा शराब पीने से भी सिर दर्द होने लगता है. स्मोकिंग छोड़ने की प्रक्रिया में भी निकोटीन छूटने से सिर दर्द होना आम है. नींद पूरी ना होना, ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी से भी सिर दर्द होने लगता है. इस तरह के सिर दर्द में किसी मेडिकल हेल्प की आवश्यकता नहीं होती है और आराम करने पर ये ठीक हो जाता है. सिर दर्द को ना करें नजरअंदाज- सामान्य सिर दर्द किसी भी पेन किलर से थोड़ी देर में ठीक हो जाता है. लेकिन अगर आपको तेज सिर दर्द हो रहा है और उसके साथ ऊपर दिए कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

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