प्रेग्नेंसी के दौरान न करें लापरवाही, खान-पान का रखें खास ध्यान
प्रेग्नेंसी
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। नई दिल्लीः गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान खास कर पौष्टिक आहार लेने पर विशेष ध्यान देना है। इसमें लापरवाही सिर्फ गर्भवती ही नहीं बल्कि गर्भस्थ शिशु के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान कुपोषण से समय से पहले जन्म, गर्भपात जैसी समस्या के अलावा अविकसित अंग, ब्रेन डैमेज जैसी गंभीर बीमारियों का भी सामना शिशु को करना पड़ सकता है। अच्छी सेहत के लिए शरीर को पोषक तत्वों की विशेष जरूरत होती है। एक महिला के लिए यह नितांत जरूरी तब और हो जाता है जब वह गर्भवती होती हैं। गर्भावस्था में होने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए मां को पोषक तत्व ही सहारा देता है। गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए भी यह जरूरी होता है। शरीर को पर्याप्त पोषक तत्वों के न मिलने से गर्भवती कुपोषित हो जाती है।
कुपोषण से प्रसव के दौरान जोखिम का खतरा
जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कुपोषण होता है, प्रसव के दौरान उनको ज्यादा जोखिम रहता है। कुपोषण से ग्रसित ऐसी महिलाएं कभी-कभी गर्भपात की भी शिकार हो जाती हैं। ऐसी अधिकतर गर्भवती आयरन की कमी के चलते एनीमिया की समस्या से ग्रसित हो जाती हैं। उनके शरीर में लाल रक्त कणिकाएं कम हो जाती हैं, जिसकी वजह से उन्हें पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिल पाती है। प्रोटीन और ब्लडप्रेशर इतना बढ़ जाता है कि उससे गर्भवती को जान का भी जोखिम रहता है।
पेट में पल रहे शिशु को भी खतरा
जिला महिला चिकित्सालय की बाल रोग विशेषज्ञ डा. मृदुला मल्लिक बताती हैं कि मां के कुपोषित होने से गर्भ में पल रहे शिशु का ठीक से विकास नहीं हो पाता। इससे उसकी गर्भ में ही मृत होने की आशंका बनी रहती है अथवा वह अविकसित अंगों वाले शिशु के रूप में भी जन्म लेता है। ऐसे अधिकतर बच्चे जन्म के समय कम वजन वाले होते हैं और कई बीमारियों से उनके ग्रसित होने की आशंका ज्यादा होती है। बड़े होने पर ऐसे बच्चों में ब्रेन डैमेज, ह्रदय रोग, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की जरूरत
स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए गर्भधारण के साथ ही महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके लिये उन्हें पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना जरूरी होता है। इसके साथ ही उन्हें समय-समय पर अपने करीब के स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराते रहना चाहिए। अस्पताल से निःशुल्क मिलने वाली आयरन व कैल्शियम की गोली का सेवन चिकित्सक की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान डाइट में इन चीजों को करें शामिल
गर्भवती को हर चार घंटे में कुछ न कुछ जरूर खाना चाहिए। हरी सब्जियां, दाल, राजमा, सोयाबीन, काबुली चना, दूध, अण्डा, मांस के साथ ही केला, अनानास, संतरा जैसे फल भी गर्भवती लिए फायदेमंद होते हैं। गर्म व मसालेदार चीजें खाने से गर्भवती को बचना चाहिए। गर्भवती को सब्जियों का सूप और जूस लेना चाहिए।