Lifestyle ,लाइफस्टाइल : दिवाली का त्योहार खुशी, रोशनी और उमंग का प्रतीक है। हर कोई इस दिन को हर्षोल्लास के साथ मनाता है, लेकिन त्योहार की खुशी में सेफ्टी को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। पटाखे जलाने, मिठाइयां खाने और आतिशबाजी के बीच कई बार छोटी-छोटी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है। इस बार दिवाली पर टेंशन-फ्री होकर त्योहार का पूरा आनंद लेने के लिए डॉक्टरों ने कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स दिए हैं, जिनका पालन करके आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकता है। आइए जानते हैं वो 5 जरूरी सुझाव।
1. पटाखों का उपयोग करें सावधानी से
दिवाली का सबसे रोमांचक हिस्सा है पटाखे फोड़ना, लेकिन यह भी खतरे से खाली नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को बिना देखरेख के पटाखे फोड़ने से रोकें। हमेशा बड़े और सुरक्षित जगह पर पटाखे जलाएं और हाथ में केवल लाइटर या माचिस रखें। पटाखे जलाते समय जलने से बचने के लिए हाथों में मोटे दस्ताने पहनें और कपड़े हल्के और फिट हों ताकि आग आसानी से न लगे।
2. धुएं से बचाव के उपाय करें
दिवाली के दौरान आतिशबाजी और पटाखों से निकलने वाला धुआं सांस की बीमारियों को बढ़ावा देता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी समस्या वाले मरीजों के लिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि आप जहाँ तक हो सके धुआं भरे इलाकों में रहने से बचें। घर के अंदर रहने पर खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें, और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। बाहरी इलाकों में फुल फेस मास्क भी पहनना फायदेमंद हो सकता है।
3. मिठाइयों का सेवन सीमित मात्रा में करें
दिवाली पर मिठाइयों का सेवन तो होता ही है, लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि मीठा खाने में अति न करें। अधिक मिठाई खाने से डाइजेस्टिव समस्याएं, मोटापा, डायबिटीज और दांतों में क्षरण की समस्या हो सकती है। खासकर डायबिटीज़ मरीजों को मीठा खाने से बचना चाहिए या कम मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। ताजा और घर में बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दें और हाइजीन का पूरा ध्यान रखें।
4. बच्चों की सुरक्षा का रखें खास ध्यान
दिवाली पर बच्चे सबसे ज्यादा उत्साहित होते हैं और कई बार उनकी सुरक्षा के लिए बड़े भी कम सावधानी बरतते हैं। बच्चों को पटाखे फोड़ने से पहले पूरी तरह से समझाएं कि उन्हें कैसे और कहाँ जलाना है। छोटी-छोटी चिंगारी वाली चीजों से बचाएं। फुल प्रूफ सुरक्षा के लिए बच्चों को अकेले बाहर न जाने दें। बच्चे अगर आग लगने की चोट लग जाएं तो तुरंत ठंडे पानी से जलने वाली जगह को ठंडा करें और डॉक्टर से संपर्क करें।
5. अतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतें
अगर आप आतिशबाजी का आनंद लेना चाहते हैं तो इसे केवल अधिकृत और सुरक्षित जगहों पर ही करें। आतिशबाजी के दौरान हमेशा आसपास लोगों और बच्चों का ध्यान रखें। फुलझड़ी या अन्य फटने वाले पटाखे जलाते समय ध्यान रखें कि हवा कम हो और आसपास सूखे पत्ते या कपड़े न हों जो आग पकड़ सकते हैं। अगर कोई दुर्घटना होती है तो घबराएं नहीं और तुरंत प्राथमिक उपचार करें या अस्पताल पहुंचें।
त्योहार को खुशहाल और सुरक्षित बनाने के लिए ये भी ध्यान रखें:
घर की सजावट में आग लगने वाले सामानों का सुरक्षित इस्तेमाल करें।
बच्चों को आतिशबाजी के समय घर के अंदर रखें।
शराब या मादक पदार्थों के सेवन से बचें क्योंकि इससे लापरवाही बढ़ती है।
खासकर बुजुर्गों और बीमारों का विशेष ध्यान रखें।
दिवाली खुशियों का त्योहार है, लेकिन इसके साथ जुड़ी कुछ छोटी-छोटी सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है। डॉक्टरों के बताए गए ये 5 सेफ्टी टिप्स अपनाकर आप न सिर्फ अपनी बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। इस दिवाली, दिलवाली बनाएं दीवाली और सेलिब्रेशन के साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें।