इन 4 हार्मोन्स को सही करें, नींद की परेशानी से मिलेगा छुटकारा
नींद की परेशानी से मिलेगा छुटकारा
हमारे शरीर में होने वाले लगभग सभी फंक्शन्स के पीछे हार्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। हार्मोन्स के असंतुलन का सीधा असर, शरीर में होने वाली गतिविधियों पर होता है। डाइजेशन, सेक्स, स्ट्रेस और नींद, सभी का हार्मोन्स से रिश्ता होता है। महिलाओं के शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस का असर अधिक होता है। पीरियड्स से लेकर फर्टिलिटी तक, सभी हार्मोन्स से जुड़े होते हैं। हार्मोन्स का मूड पर भी सीधा असर होता है। बात अगर नींद की करें, तो नींद न आने के पीछे भी कुछ हार्मोन्स जिम्मेदार होते हैं। शरीर में मौजूद इन 4 हार्मोन्स का संबंध नींद से होता है। ऐसे में अगर इनका लेवल कम-ज्यादा होता है, तो नींद पर इसका असर होता है। ये 4 हार्मोन्स कौन से हैं और किन फूड्स की मदद से इनमें सुधार लाया जा सकता है, इस बारे में डाइटीशिन मनप्रीत ने जानकारी दी है।
सेरोटोनिन
सेरोटोनिन हार्मोन आपकी स्लीप साइकिल के लिए जिम्मेदार होता है। यह नींद के समय और गुणवत्ता को निर्धारित करता है। ककाओ, चिया सीड्स, केला और नट्स को डाइट में शामिल कर आप इसके लेवल को सुधार सकती हैं।
कोर्टिसोल
कोर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन होता है। यह नींद में बाधा पैदा करता है। स्ट्रेस हार्मोन के बढ़े होने से नींद आने में मुश्किल होती है। आपने महसूस किया होगा कि जब आप तनाव में होते हैं, तो आपको नींद नहीं आती है। इसके पीछे यही हार्मोन है। बादाम, अखरोट, नींबू और ककाओ को डाइट में शामिल करें।
मेलाटोनिन
आपके सोने और जागने के समय का संबंध इस हार्मोन से होता है। मेलाटोनिन हार्मोन के लेवल में बदलाव होने से आपके सोने-जागने के समय में बदलाव साफ नजर आने लगेगा। आपको सोने में मुश्किल होगी। इसके लिए वेलेरियन रूट, काजू और अनानास को डाइट में शामिल करें।
प्रोजेस्टेरोन
वैसे तो प्रोजेस्टेरोन एक सेक्स हार्मोन (सेक्स हार्मोन के बढ़ने-घटने का महिलाओं के शरीर पर असर) है लेकिन इसका असर हमारी नींद पर भी पड़ता है। शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में बदलाव होने से नींद आने में समस्या हो सकती है। इसे मैनेज करने के लिए चने, फ्लेक्स सीड्स, ब्रोकली और कद्दू के बीज खाएं।
करें यह एक्सरसाइज
स्लीप साइकिल को सुधारने के लिए 4-7-8 ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
अपनी आंखों को बंद करें। बॉडी और माइंड को रिलेक्स दें।
4 की गिनती पर नाक से गहरी सांस लें। अपने फेफड़ों को पूरी तरह हवा से भरने दें।
सांस लेते समय अपने पेट को फैलने दें।
7 के काउंट पर अपनी सांस को होल्ड करें।
सांस को बिना तनाव के आराम से रोक कर रखें।
8 के काउंट पर सांस छोड़ें।
लंग्स को पूरी तरह खाली कर सारी एयर को बाहर निकाल दें।
इसे 4 बार रिपीट करें।
इसके बाद अपने नॉर्मल ब्रीदिंग साइकिल में लौट आएं।
अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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